धार्मिक गढ़ में अशांति, 7 लोगों की मौत... ईरान में तीन वर्षों में सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन, ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी

ईरान में आर्थिक गतिरोध और उच्च मुद्रास्फीति के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुका है. सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पे भी हुईं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सरकार को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई जाती है तो वे उनकी मदद के लिए आगे आएंगे.

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नई दिल्ली : ईरान में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक ठहराव के खिलाफ पिछले तीन वर्षों का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है. यह आंदोलन केवल राजधानी तक सीमित न रहकर देश के कई हिस्सों में फैल गया है, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ गया है.

डोनाल्ड ट्रम्प की कड़ी चेतावनी
आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरानी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई या उन्हें हिंसक तरीके से मारा गया, तो अमेरिका हस्तक्षेप करने के लिए तैयार रहेगा. उन्होंने यह बयान सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर साझा किया.

सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें
सरकारी सूत्रों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में कम से कम सात लोगों की मौत हो चुकी है. कई अन्य घायल हुए हैं. कुछ क्षेत्रों में सुरक्षा बलों द्वारा सीधे गोलीबारी की घटनाएं भी सामने आई हैं.

धार्मिक शहर कोम तक पहुंचा विरोध
विरोध प्रदर्शन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर कोम तक पहुंच गया है, जिसे ईरान की धर्मतांत्रिक व्यवस्था का केंद्र माना जाता है. यहां प्रदर्शनकारियों ने खुले तौर पर धार्मिक शासन हटाने की मांग की, जो अपने आप में एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है.

राजशाही समर्थक नारों की वापसी
कुछ रिपोर्टों के अनुसार, लगभग पांच दशकों बाद ईरान में राजशाही समर्थक नारे फिर से सुनाई देने लगे हैं. यह दर्शाता है कि जनता का एक वर्ग मौजूदा शासन व्यवस्था से गहरी असंतुष्टि महसूस कर रहा है.

आर्थिक बदहाली विरोध का मुख्य कारण
दरअसल, ईरान की राष्ट्रीय मुद्रा रियाल पिछले एक साल में डॉलर के मुकाबले अपनी कीमत का एक तिहाई से अधिक हिस्सा खो चुकी है. लगातार ऊंची महंगाई के कारण आम लोगों की क्रय शक्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है. वर्तमान में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत लगभग 14 लाख रियाल तक पहुंच चुकी है.

सरकार की बातचीत की पेशकश, लेकिन सीमाएं स्पष्ट
राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के नेतृत्व वाली नागरिक सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की इच्छा जताई है. हालांकि, सरकार का कहना है कि आर्थिक संकट और मुद्रा अवमूल्यन के कारण उनके पास समाधान के विकल्प सीमित हैं.

निर्वासित राजकुमार की प्रतिक्रिया
ईरान के निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों की सराहना करते हुए उन्हें देश के “सच्चे नायक” बताया. उन्होंने जनता से एकजुट रहने और स्वतंत्रता की दिशा में संघर्ष जारी रखने की अपील की. First Updated : Friday, 02 January 2026