इस्लामाबाद वार्ता के बीच अमेरिका का एक्शन, ईरान जा रहे जहाज को बीच समुद्र में रोका

इस्लामाबाद वार्ता की संभावनाओं के बीच अमेरिका ने ईरान पर सख्ती जारी रखते हुए उसके एक जहाज को बीच समुद्र में रोक दिया, जिससे तनाव और बढ़ गया है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता के माहौल के बावजूद तनाव कम होता नहीं दिख रहा है. कूटनीतिक कोशिशों के बीच अमेरिका ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए ईरान से जुड़े एक जहाज को बीच समुद्र में रोक दिया है. इस कार्रवाई ने दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव को और गहरा कर दिया है.

यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना ने 24 अप्रैल को एक ईरानी झंडे वाले जहाज को इंटरसेप्ट किया, जो ईरान के एक पोर्ट की ओर बढ़ रहा था. यह कदम ईरान पर लागू समुद्री प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने की रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है.

अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई

CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अमेरिकी नौसेना के गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS राफेल (DDG 115) ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया.

यह जहाज ईरान के एक बंदरगाह की ओर जा रहा था, जिसे अमेरिकी बलों ने बीच रास्ते में ही रोक दिया.

समुद्री प्रतिबंधों के तहत उठाया गया कदम

अमेरिका ने अप्रैल की शुरुआत से ही ईरान के बंदरगाहों के खिलाफ नेवल ब्लॉकेड लागू कर रखा है. इसका उद्देश्य ईरान के व्यापार और तेल निर्यात को सीमित करना है.

इसी रणनीति के तहत अब तक कई जहाजों को रोका जा चुका है या उन्हें वापस लौटने पर मजबूर किया गया है.

होर्मुज जलडमरूमध्य पर पड़ा असर

इस ब्लॉकेड का सबसे ज्यादा असर होर्मुज स्ट्रेट पर देखा जा रहा है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का एक अहम समुद्री मार्ग है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 22 और 23 अप्रैल के बीच केवल सात जहाज ही इस मार्ग से गुजर पाए, जिनमें से छह ईरान से जुड़े व्यापार में शामिल थे.

तेल सप्लाई पर असर, बाजार में उछाल

समुद्री मार्ग में आई इस रुकावट का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है. तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में तेजी देखी जा रही है.

इसका असर सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है.

इस्लामाबाद में वार्ता की कोशिशें जारी

सैन्य तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में दूसरे दौर की वार्ता की तैयारी चल रही है. हालांकि दोनों देशों के बीच सीधे संवाद की संभावना कम बताई जा रही है.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि वे आपस में सीधे बातचीत नहीं करेंगे. ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच चुका है.

वहीं अमेरिका की ओर से प्रतिनिधिमंडल के पाकिस्तान पहुंचने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद जेएर्ड कुश्नर और उनके करीबी स्टीव विटकॉप इसमें शामिल हो सकते हैं.

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों पक्ष आमने-सामने बातचीत करेंगे या किसी माध्यम के जरिए संवाद स्थापित करेंगे.

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