कतर की मध्यस्थता के बाद अमेरिका युद्धविराम के लिए सहमत, बाद में ईरानी कमांडर दी चेतावनी

मध्य पूर्व में दो दिन तक चले घातक हमलों के बाद फिलहाल बंदूकें थम गई हैं। कतर की पहल पर अमेरिका और ईरान युद्ध रोकने पर सहमत हो गए हैं।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में दो दिन तक चले घातक हमलों के बाद फिलहाल बंदूकें थम गई हैं। कतर की पहल पर अमेरिका और ईरान युद्ध रोकने पर सहमत हो गए हैं। वाशिंगटन का कहना है कि वो तेहरान से बातचीत के लिए तैयार है। लेकिन ईरान के टॉप कमांडर ने बदले की कसम खाते हुए तनाव फिर बढ़ा दिया है।  

कतर की पहल पर रुका संघर्ष   

अमेरिका के एक अधिकारी ने अल जजीरा को बताया कि वाशिंगटन ईरान के साथ बातचीत के लिए प्रतिबद्ध है और तकनीकी स्तर की बातचीत जारी है। सीएन ने भी इसी तरह की जानकारी दी है। रिपोर्टों के मुताबिक बातचीत का अगला दौर 18 जुलाई को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हो सकता है।

हालांकि अभी तारीख और जगह को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पिछले कुछ दिनों में बार-बार सैन्य झड़पें हुई हैं। ईरान ने अमेरिका पर संघर्ष-विराम तोड़ने का आरोप लगाया है। वहीं अमेरिका ने जवाब में ईरान का तेल बेचने का लाइसेंस रद्द कर दिया है। ऐसे में बातचीत आगे बढ़ेगी या नहीं, ये कहना मुश्किल है।  

एक्सपर्ट बोले - "भरोसे की सबसे बड़ी कमी"   

मिलिट्री एनालिस्ट एलेक्स अल्फिर्राज शीर्स का मानना है कि बातचीत फिर शुरू हो सकती है, लेकिन नतीजा निकलना आसान नहीं है। उन्होंने अल जजीरा से कहा, "ये बातचीत कई मायनों में दिखावटी लगती हैं। जब तक भरोसा बढ़ाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठता, तब तक इनका कोई फायदा नहीं होगा।"  

शीर्स के मुताबिक बातचीत के दौरान ही दो बार अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया और भारी नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा, "ईरान की सरकार के मन में अमेरिका के लिए दुश्मनी बहुत गहरी है और काफी हद तक जायज भी है। असल सवाल ये है कि क्या अमेरिका पर भरोसा किया जा सकता है और क्या वो अपने वादे निभाएगा।" 

IRGC कमांडर की चेतावनी   

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड IRGC के ब्रिगेडियर-जनरल अहमद वाहिदी ने गुरुवार को फिर बदले की धमकी दी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला "इतिहास की यादों से मिटाया नहीं जा सकेगा"।  

सिपाह समाचार एजेंसी के अनुसार वाहिदी ने कहा, "अमेरिका के अपराधी नेताओं और इस्लामिक क्रांति के दुश्मनों को समझ लेना चाहिए कि इस दिव्य नेता की कायरतापूर्ण हत्या करके वो प्रतिरोध का झंडा नहीं झुका पाएंगे। शहीदों का बदला लेना और दोषियों को सजा देना हमारी पक्की और कभी न भूलने वाली मांग है।"  

उन्होंने "बच्चों की हत्या करने वाली अमेरिकी सेना" को माकूल जवाब देने की बात भी कही। कतर की कोशिशों से युद्ध रुका तो है, लेकिन अविश्वास और धमकियों के बीच शांति कितनी टिकेगी, ये आने वाले दिन बताएंगे।  

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