अमेरिका की खुफिया एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड ने हाल ही में अपनी ब्रीफिंग में अमेरिका के सामने आने वाले प्रमुख परमाणु और सुरक्षा खतरों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका के लिए सबसे बड़ा परमाणु खतरा है. इसके अलावा उन्होंने ईरान, चीन, रूस और उत्तर कोरिया को भी ऐसे देशों के रूप में नामित किया, जो अपनी उन्नत मिसाइल और हथियार क्षमताओं के माध्यम से अमेरिका की सुरक्षा को चुनौती दे सकते हैं.
गबार्ड ने बताया कि ये पांच देश लगातार नई मिसाइल तकनीक विकसित कर रहे हैं, जो न केवल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं बल्कि पारंपरिक हथियारों के लिए भी उपयोगी हैं. इन तकनीकों के विकसित होने से अमेरिका का होमलैंड सीधे इन देशों की मारक क्षमता के दायरे में आ गया है. उन्होंने विशेष रूप से पाकिस्तान को सबसे गंभीर खतरे के रूप में चिन्हित किया.
ब्रीफिंग में उत्तर कोरिया को लेकर भी गंभीर चेतावनी दी गई. गबार्ड के अनुसार उत्तर कोरिया ने रूस और चीन के साथ अपनी सैन्य और तकनीकी साझेदारी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत कर ली है. यह त्रिपक्षीय सहयोग अमेरिका के लिए रणनीतिक चुनौती पैदा कर सकता है. खुफिया विभाग इन देशों के बीच बढ़ते सैन्य और तकनीकी संबंधों पर लगातार नजर रख रहा है. उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण और परमाणु अनुसंधान इसी बड़े रणनीतिक गठबंधन के हिस्से के रूप में देखे जा रहे हैं.
ईरान को लेकर तुलसी गबार्ड ने बताया कि अमेरिका ने जून 2025 में ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट कर दिया था. इस कार्रवाई के बाद अब तक अमेरिका को कोई संकेत नहीं मिले हैं कि ईरान अपनी संवर्धन क्षमताओं को पुनः स्थापित करने की कोशिश कर रहा है. हालांकि, ईरान अब भी उन्नत मिसाइल प्रणालियों के विकास में लगा हुआ है, लेकिन उसका परमाणु कार्यक्रम फिलहाल निष्क्रिय है.
गबार्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि चीन और रूस भी अपनी परमाणु और पारंपरिक हथियार क्षमताओं को लगातार अपडेट कर रहे हैं. उनका कहना था कि इन देशों की तकनीकी प्रगति और सैन्य विकास अमेरिकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं. कुल मिलाकर, अमेरिका इन पांच देशों पाकिस्तान, ईरान, चीन, रूस और उत्तर कोरिया के बढ़ते हथियार और मिसाइल विकास पर लगातार नजर बनाए हुए है.
इस ब्रीफिंग से स्पष्ट होता है कि अमेरिका के सामने आने वाले परमाणु और मिसाइल खतरे केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर रणनीतिक गंभीरता रखते हैं. First Updated : Wednesday, 18 March 2026