मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई देशों में मौजूद संयुक्त राज्य अमेरिका के 14 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. ईरान का कहना है कि इन हमलों में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक हताहत हुए हैं. हालांकि, वाशिंगटन ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि किसी भी अमेरिकी सैन्यकर्मी की मौत नहीं हुई है.
बताया जा रहा है कि यह हमला इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए गए संयुक्त सैन्य अभियान के जवाब में किया गया. ईरानी मिसाइलों का पहला बड़ा असर बहरीन में देखने को मिला, जहां जुफैर इलाके में स्थित अमेरिकी पांचवां बेड़ा के नौसैनिक अड्डे के आसपास विस्फोट और धुएं के गुबार देखे गए. प्रत्यक्षदर्शियों ने तेज धमाकों की आवाज सुनने की भी पुष्टि की.
हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा पहले ही सैन्य आश्रितों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने का आदेश जारी कर दिया गया था, जिससे किसी बड़े नुकसान की आशंका कम हो गई. इसके साथ ही अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी. बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी सायरन बजाकर लोगों को सावधान रहने के निर्देश दिए.
ईरान की इस जवाबी कार्रवाई का असर केवल बहरीन तक सीमित नहीं रहा. कतर, कुवैत और जॉर्डन में भी स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों के पास धमाकों की आवाजें सुनी गईं. कतर में स्थित अल उदैद वायुसेना अड्डा, कुवैत के अल सलीम अड्डे और जॉर्डन के मुवफ्फक अल-साल्टी अड्डे को निशाना बनाया गया. इन घटनाओं के बाद भारतीय दूतावास, दोहा ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने और आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने को कहा.
इस बीच संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में भी मिसाइल हमलों की खबर सामने आई. रिपोर्ट के अनुसार, कई प्रत्यक्षदर्शियों ने जोरदार विस्फोटों की पुष्टि की. इस हमले में एक व्यक्ति की मौत की भी सूचना है. इसके अलावा, अबू धाबी के दक्षिण में स्थित अल धाफरा वायुसेना अड्डा को भी मिसाइलों से निशाना बनाया गया.
इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में चिंता और अस्थिरता बढ़ा दी है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात पर नजर रखी जा रही है और आशंका जताई जा रही है कि यदि तनाव कम नहीं हुआ, तो यह संघर्ष और बड़े सैन्य टकराव का रूप ले सकता है. First Updated : Sunday, 01 March 2026