‘हम समुद्री लुटेरे जैसे हैं...’, ट्रंप ने हार्मुज पर नाकाबंदी को बताया ‘फायदेमंद कारोबार’

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने ईरान से जुड़े तेल टैंकरों को रोका और कब्जा किया. उनके बयान से वैश्विक स्तर पर बहस तेज हो गई है और अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ता नजर आ रहा है.

Shraddha Mishra

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नया विवाद सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ऐसे बयान दिए हैं, जिनमें उन्होंने अमेरिकी नौसैनिक अभियानों की तुलना सीधे-सीधे समुद्री डकैती से कर दी. उनके इस बयान ने न केवल राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है, बल्कि वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और कानून से जुड़े सवाल भी खड़े कर दिए हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े तेल शिपमेंट को रोकने के लिए नाकाबंदी जैसी कार्रवाई की. उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत एक बड़े तेल टैंकर को रोका गया, जिसमें लगभग दो मिलियन बैरल से ज्यादा तेल मौजूद था.

ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी नौसेना ने जहाज के कप्तान को चेतावनी दी कि अगर उसने दिशा नहीं बदली, तो उसे निशाना बनाया जा सकता है. यह चेतावनी लंबी दूरी के लाउडस्पीकरों के जरिए कई बार दी गई, जिसके बाद जहाज ने अपना रास्ता बदल लिया और वापस लौट गया.

'हम समुद्री लुटेरों की तरह हैं'

ट्रंप ने बताया कि एक जहाज ने अमेरिकी निर्देशों का पालन नहीं किया और आगे बढ़ने की कोशिश की. इस पर अमेरिकी सेना ने सख्त कदम उठाया. उन्होंने कहा कि कई मील दूर से जहाज के इंजन हिस्से को निशाना बनाया गया, जिससे वह काम करना बंद कर गया. 

इसके बाद अमेरिकी सैनिक उस जहाज पर चढ़ गए और पूरे पोत के साथ-साथ उसमें मौजूद माल पर भी कब्जा कर लिया. ट्रंप ने इस कार्रवाई को लेकर कहा, “हमने जहाज और तेल दोनों पर नियंत्रण कर लिया. यह बहुत फायदेमंद काम है… हम समुद्री लुटेरों की तरह हैं.” उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है.

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव 

यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है. अमेरिका ने हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है. यह क्षेत्र दुनिया की बड़ी तेल आपूर्ति का मुख्य रास्ता माना जाता है, इसलिए यहां की स्थिति का असर वैश्विक बाजार पर भी पड़ता है.

समुद्र में जहाजों को रोकने और जांच करने की घटनाएं पहले भी होती रही हैं, लेकिन ट्रंप का इसे “नाकाबंदी” और “समुद्री डकैती” जैसा बताना स्थिति को और गंभीर बना देता है. इससे अंतरराष्ट्रीय कानून और देशों के बीच संबंधों को लेकर कई सवाल खड़े हो सकते हैं. अब तक ईरान की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. साथ ही इन घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो पाई है, जिससे स्थिति और अधिक जटिल बनी हुई है.

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