आपदा संचार प्रणाली का हुआ सफल परीक्षण, लाखों यूजर्स को मिला डिजास्टर अलर्ट का मैसेज
यह पहल एकीकृत चेतावनी प्रणाली (SACHET) पर आधारित है, जिसे सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया गया है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा शनिवार को देशव्यापी मोबाइल आधारित आपदा संचार प्रणाली का शुभारंभ किया है. इसका उद्देश्य नागरिकों तक आपातकालीन जानकारी को तेजी से और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है. दूरसंचार विभाग ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से इस प्रणाली को विकसित किया है ताकि आपात स्थितियों के दौरान नागरिकों को महत्वपूर्ण जानकारी तेजी से और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जा सके.
इसके चलते देशभर में लाखों मोबाइल उपयोगकर्ताओं को एक ट्रायल मैसेज मिला, जिसमें लिखा था “Extremely Severe Alert”. हालांकि इसे लेकर लोगों को कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं थी, इसे नई प्रणाली के विकल्प के रूप में भेजा गया था.
क्या है आपदा संचार प्रणाली
यह पहल एकीकृत चेतावनी प्रणाली (SACHET) पर आधारित है, जिसे सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया गया है. बता दें, दूरसंचार विकास केंद्र (C-DOT) द्वारा विकसित यह प्लेटफॉर्म भौगोलिक रूप से लक्षित चेतावनियां देने के लिए मोबाइल यूजर्स को एसएमएस आधारित अलर्ट भेजगा, जो अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ द्वारा एक अनुशंसित कॉमन अलर्ट प्रोटोकॉल होगा.
अब तक कितने एसएमएस भेजे गए
देश भर में आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा इस प्रणाली का विशाल रूप से उपयोग किया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, 19 से अधिक भारतीय भाषाओं में अब 134 अरब से अधिक लोगों के फोन पर यह एसएमएस अलर्ट भेजा जा चुका है. वहीं इसमें प्राकृतिक आपदाओं, चरम मौसम चेतावनियों और चक्रवातों जैसी विभिन्न घटनाओं को शामिल किया गया है. इतना ही नहीं अचानक बाढ़, भूकंप, सुनामी और बिजली गिरने जैसी गंभीर स्थितियों के दौरान अलर्ट एसएमएस की पहुंच को और मजबूत करने के लिए सरकार ने एसएमएस प्रणाली के साथ-साथ सेल ब्रॉडकास्ट (सीबी) तकनीक भी शुरू की है.
एसएमएस और सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम
रोज़ाना आने वाले मैसेजिंग से हटकर सीबी तकनीक परिभाषित भौगोलिक क्षेत्र में नेटवर्क व्यस्तता के दौरान भी तुरंत मैसेज डिलीवर करने में सक्षम होगी. इस सिस्टम के कारण आपातकालीन प्रतिक्रिया संचार ढांचा मजबूत होगा.


