ममता बनर्जी की याचिका पर कलकत्ता हाई कोर्ट सख्त, EVM और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का दिया आदेश
सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी की तरफ से पेश सीनियर वकील कल्याण बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 12वें राउंड तक ममता 7800 वोटों से आगे चल रही थीं।

कोलकाता: कलकत्ता हाई कोर्ट ने मंगलवार को ममता बनर्जी की चुनाव याचिका पर सुनवाई करते हुए अहम आदेश दिया। कोर्ट ने भवानीपुर विधानसभा चुनाव के नतीजों को चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकार कर लिया। इस सीट पर ममता बनर्जी बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी से हार गई थीं।
कोर्ट ने चुनाव आयोग को दिए सख्त निर्देश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जस्टिस गौरंग कांत की सिंगल बेंच ने चुनाव आयोग के रिटर्निंग ऑफिसर को निर्देश दिया कि भवानीपुर सीट से जुड़ी सभी EVM, VVPAT मशीनें और मतगणना केंद्र सखावत मेमोरियल स्कूल का CCTV फुटेज सुरक्षित रखा जाए।
कोर्ट ने साफ कहा कि 4 मई को हुई मतगणना से जुड़ा कोई भी इलेक्ट्रॉनिक या फिजिकल सबूत बिना अनुमति मिटाया या नष्ट नहीं किया जाएगा। बेंच ने कहा कि ममता बनर्जी का इस मामले में लोकस स्टैंडी बनता है क्योंकि वे खुद उस सीट से उम्मीदवार और मतदाता दोनों थीं।
ममता ने मतगणना में गड़बड़ी का लगाया आरोप
सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी की तरफ से पेश सीनियर वकील कल्याण बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 12वें राउंड तक ममता 7800 वोटों से आगे चल रही थीं।
लेकिन 13वें राउंड के दौरान सुवेंदु अधिकारी मतगणना हॉल में आए और हंगामा किया। आरोप है कि उन्होंने विरोधी पार्टी के एजेंटों को बाहर निकाल दिया। इसके बाद गिनती में अचानक बदलाव आया। वकील ने कहा कि CCTV फुटेज सुरक्षित रखने से सच्चाई सामने आ जाएगी।
रिटर्निंग ऑफिसर पर भी उठे सवाल
याचिकाकर्ता के वकील ने रिटर्निंग ऑफिसर पर भी पक्षपात का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जिस अधिकारी की नियुक्ति भवानीपुर में हुई थी, उसने 2021 में नंदीग्राम चुनाव के दौरान भी विवादास्पद भूमिका निभाई थी।
इस पर जस्टिस कांत ने कहा कि उनके बड़े भाई बीजेपी के प्रवक्ता हैं, इसलिए अगर याचिकाकर्ता चाहे तो मामला दूसरी बेंच में भेजा जा सकता है। लेकिन ममता की तरफ से कहा गया कि उन्हें जज पर पूरा भरोसा है।
अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद
कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस भेजने का आदेश दिया है और मामले की अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद तय की है। ममता बनर्जी ने अपनी याचिका में सुवेंदु अधिकारी पर रिश्वतखोरी, अनुचित प्रभाव और वोटों की गिनती में हेरफेर का आरोप लगाया है। भवानीपुर चुनाव में ममता बनर्जी 15,105 वोटों से हार गई थीं। अब कोर्ट के इस आदेश के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।


