ममता बनर्जी का बड़ा एक्शन, TMC के 7 बागी नेताओं को पार्टी से निकाला

जिन नेताओं पर कार्रवाई हुई है उनमें फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, जावेद अहमद खान, अरूप रॉय, रथिन घोष, बिप्लब मित्रा, सबीना यास्मीन और स्नेहाशीष चक्रवर्ती शामिल हैं।

Sachin Hari Legha

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। ममता बनर्जी गुट ने मंगलवार को पार्टी के 7 बड़े नेताओं पर एक्शन लेते हुए उन्हें निष्कासित कर दिया।

जिन नेताओं पर कार्रवाई हुई है उनमें फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, जावेद अहमद खान, अरूप रॉय, रथिन घोष, बिप्लब मित्रा, सबीना यास्मीन और स्नेहाशीष चक्रवर्ती शामिल हैं। पार्टी ने इन सभी पर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है।  

बागी गुट ने ममता को हटाने का किया था दावा   

सोमवार को बागी गुट ने खुद को असली टीएमसी बताते हुए ममता बनर्जी को चेयरमैन पद से हटाने का ऐलान कर दिया था। इस बैठक में ममता के कई करीबी माने जाने वाले नेता भी शामिल हुए थे।  

इसके जवाब में ममता गुट ने पहले 7 नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया। नोटिस के कुछ घंटे बाद ही इन नेताओं को पार्टी से बाहर कर दिया गया।  

फिरहाद हकीम पर सबसे बड़ा झटका   

निष्कासित नेताओं में सबसे बड़ा नाम फिरहाद हकीम का है। उन्हें ममता बनर्जी का सबसे भरोसेमंद नेता माना जाता था। कोलकाता का मेयर बनाने के लिए टीएमसी सरकार ने खास तौर पर कानून में संशोधन भी किया था।  

अरूप रॉय को बागी गुट ने टीएमसी का चेयरमैन घोषित किया था। पार्टी का कहना है कि ये सभी नेता बागी गुट की ओर से बनाई गई 30 सदस्यीय समिति में शामिल थे।  

दी को संरक्षक बनाने की मांग   

बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि आने वाले दिनों में जिला अध्यक्षों और जिला समितियों का गठन किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि पार्टी का रुख ममता बनर्जी को लेकर पहले जैसा ही है। उनके मुताबिक, पार्टी के नेता चाहते हैं कि ममता बनर्जी अब संरक्षक की भूमिका निभाएं और संगठन को मार्गदर्शन दें।  

टीएमसी में टूट की अटकलें तेज   

इस पूरे घटनाक्रम के बाद बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। एक तरफ ममता गुट ने बागियों पर कड़ी कार्रवाई की है, वहीं दूसरी तरफ बागी गुट खुद को असली टीएमसी बता रहा है।  

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह टकराव आने वाले दिनों में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और चुनावी रणनीति दोनों पर असर डालेगा। फिलहाल ममता बनर्जी खेमे ने साफ कर दिया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  

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