Gaza peace agreement: इजराइल और फिलिस्तीनी उग्रवादी संगठन हमास ने काहिरा में वार्ता के बाद युद्धविराम के पहले चरण पर सहमति जताई है. यह वार्ता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20-सूत्रीय शांति योजना पर आधारित थी. समझौते के आधिकारिक दस्तावेज पर गुरुवार को मिस्र में हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है. इसके साथ ही, ट्रंप इसी सप्ताह के अंत में इजराइल और मिस्र की यात्रा करने वाले हैं.
समझौते के पहले चरण के तहत, हमास 7 अक्टूबर के हमले के बाद अब भी बंदी बनाए गए 48 इजराइलियों में से लगभग 20 जीवित बंधकों को रिहा करेगा. इसके बदले में इजराइल अपने जेलों में कैद फिलिस्तीनी बंदियों को रिहा करेगा. अनुमानित रूप से, प्रत्येक इजराइली बंधक के बदले कम से कम 100 फिलिस्तीनी रिहा किए जाएंगे.
व्हाइट हाउस के अनुसार, सभी इजराइली बंधकों के रिहा होने के बाद, इजराइल 250 फिलिस्तीनियों को रिहा करेगा, जिन्हें आजीवन कारावास की सजा दी गई है और 1,700 अन्य गाजावासियों को भी मुक्त करेगा, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं. साथ ही, मृत इजराइली बंधकों के अवशेषों के बदले इजराइल 15 मृत गाजावासियों के अवशेष भी सौंपेगा.
कतर के विदेश मंत्रालय ने बताया कि पहले चरण में गाजा में मानवतावादी सहायता भी पहुंचाई जाएगी. ट्रंप की योजना के अनुसार, सभी सैन्य अभियान, जिसमें हवाई और तोपखाने की बमबारी शामिल है, निलंबित हो जाएंगे और युद्ध रेखाएं तब तक स्थिर रहेंगी जब तक पूर्ण चरणबद्ध वापसी की शर्तें पूरी नहीं हो जातीं.
गाजा में युद्ध शुरू होने की दूसरी वर्षगांठ के कुछ दिनों बाद यह समझौता हुआ. ट्रंप ने इस ऐतिहासिक घटना को सफल बताते हुए कहा कि यह अरब और मुस्लिम जगत, इजराइल, सभी आसपास के देशों और संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए एक महान दिन है. कतर, मिस्र और तुर्की के मध्यस्थों का धन्यवाद जिन्होंने इसे संभव बनाया.
गाजा युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ, जब हमास ने दक्षिणी इजराइल पर हमला किया. इस हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए और 250 बंधक बना लिए गए. इसके जवाब में इजराइल ने गाजा पट्टी की घेराबंदी कर युद्ध की घोषणा की. तब से, लगभग 67,000 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे शामिल हैं.
इजराइल की नाकेबंदी के कारण गाजा में मदद पहुंचाने में बाधा उत्पन्न हुई और संयुक्त राष्ट्र ने इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों में अकाल की घोषणा की. युद्धविराम समझौता न केवल बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करता है बल्कि मानवीय सहायता और स्थायी शांति की दिशा में भी पहला कदम माना जा रहा है.
First Updated : Thursday, 09 October 2025