कौन है गोल्डी ढिल्लों? स्पेन में गिरफ्तार हुआ लॉरेंस बिश्नोई का पुराना दोस्त
गोल्डी ढिल्लों पंजाब के पटियाला के राजपुरा का रहने वाला है। वह काफी समय से विदेश में छिपकर रह रहा था। उस पर हत्या, हत्या की कोशिश, जबरन वसूली और अवैध हथियारों से जुड़े कई गंभीर केस दर्ज हैं।

नई दिल्ली: भारत के मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टरों में से एक गुरप्रीत सिंह उर्फ गोल्डी ढिल्लों को स्पेन की राजधानी मैड्रिड में गिरफ्तार कर लिया गया है। मैड्रिड पुलिस ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से मिली खुफिया जानकारी के बाद यह कार्रवाई की। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स की इनपुट पर स्पेन की एजेंसियों ने उसे दबोचा।
पंजाब से फरार था, NIA ने रखा था 10 लाख का इनाम
गोल्डी ढिल्लों पंजाब के पटियाला के राजपुरा का रहने वाला है। वह काफी समय से विदेश में छिपकर रह रहा था। उस पर हत्या, हत्या की कोशिश, जबरन वसूली और अवैध हथियारों से जुड़े कई गंभीर केस दर्ज हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
लॉरेंस का करीबी था, फिर बना दुश्मन
एक वक्त में ढिल्लों को लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ का खास माना जाता था। लेकिन बाद में दोनों के बीच दरार आ गई। एजेंसियों के मुताबिक वह अब बिश्नोई नेटवर्क के खिलाफ काम कर रहा था। वह कनाडा और यूरोप में सक्रिय गिरोहों के जरिए वसूली और टारगेट किलिंग का नेटवर्क चलाता था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार ढिल्लों पर चंडीगढ़ और पंजाब में कई वारदातें हैं। 2024 में चंडीगढ़ सेक्टर-5 में हुई फायरिंग और 13 जून को सेक्टर-11 के एक मेडिकल हॉल के कैशियर की हत्या में भी उसका नाम आया था। रिपोर्ट्स के अनुसार वह जर्मनी होते हुए कनाडा पहुंचा और वहीं से अपना गैंग ऑपरेट कर रहा था। कनाडा में हुई कुछ फायरिंग और एक कारोबारी की हत्या की जिम्मेदारी भी उसने ली थी।
कपिल शर्मा के कैफे पर कराई थी फायरिंग
जांच एजेंसियां उसके कुछ खालिस्तानी संगठनों से लिंक की भी जांच कर रही हैं। इसी साल कॉमेडियन कपिल शर्मा के कनाडा स्थित कैफे पर हुए हमलों में भी उसका नाम सामने आया। कपिल शर्मा का सरे वाला रेस्तरां 'कैप्स कैफे' पिछले साल तीन बार निशाने पर आया।
पहली फायरिंग 10 जुलाई को हुई जब अंदर कर्मचारी थे। दूसरी बार 8 अगस्त को करीब 25 राउंड गोलियां चलीं। तीसरा हमला 17 अक्टूबर को हुआ। इन सभी हमलों की जिम्मेदारी गोल्डी ढिल्लों और कुलदीप सिद्धू ने ली थी। उस समय ढिल्लों का नाम लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया जा रहा था।
विदेश में नेटवर्क और गिरफ्तारी
ढिल्लों लंबे समय से भारत से बाहर रहकर गैंग चला रहा था। स्पेन पुलिस ने भारतीय एजेंसियों के साथ कोऑर्डिनेशन कर उसे मैड्रिड से पकड़ा। अब उसके प्रत्यर्पण को लेकर आगे की प्रक्रिया होगी।
एजेंसियां उससे पूछताछ कर उसके विदेशी लिंक और फंडिंग नेटवर्क का पता लगाना चाहती हैं। गोल्डी ढिल्लों की गिरफ्तारी को पंजाब और हरियाणा में गैंगस्टर नेटवर्क पर बड़ी चोट माना जा रहा है।


