सिया गोयल की वायरल तस्वीर पर पिता का दावा, 'मिडिल फिंगर' दिखाने की बात को बताया गलत

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक बार फिर नया मोड़ सामने आया है. सोशल मीडिया यह दावा किया जा रहा है कि पुलिस की मौजूदगी में सिया मीडिया कैमरों की ओर 'मिडिल फिंगर' दिखा रही थी, जिसको लेकर अब पिता प्रवीण गोयल ने सफाई दी है.

Yashika Jandwani

पुणे: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक बार फिर नया मोड़ सामने आया है. इस बार चर्चा का केंद्र आरोपी सिया गोयल की एक वायरल तस्वीर है, जिसे लेकर सोशल मीडिया यह दावा किया जा रहा है कि पुलिस की मौजूदगी में सिया मीडिया कैमरों की ओर 'मिडिल फिंगर' दिखा रही थी. हालांकि, सिया के पिता प्रवीण गोयल ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है. 

पिता प्रवीण गोयल ने दी सफाई 

प्रवीण गोयल का कहना है कि तस्वीर को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है. उनके मुताबिक, जिस दिन पुलिस जांच के लिए सिया को घर लेकर आई थी, उसी दौरान कार का दरवाजा बंद होने से उसकी दो उंगलियां फंस गई थीं. इस वजह से उंगलियों में सूजन आ गई थी और नाखूनों का रंग भी बदल गया था. आगे उन्होंने कहा कि कैमरे में कैद हाथ की स्थिति को गलत तरीके से 'मिडिल फिंगर' दिखाने के रूप में प्रचारित किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि अगरर किसी को संदेह है तो उस समय मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से भी जानकारी ली जा सकती है.

स्नैप का चैट हुआ वायरल 

इस बीच, मामले से जुड़ी एक कथित स्नैपचैट चैट भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बातचीत 25 मई की बताई जा रही है, जिसमें सिया अपनी एक सहेली से शादी की टिकट बुकिंग के लिए आधार कार्ड की कॉपी मांगती नजर आती है. चैट में लिखा गया है "वैसे भी शादी तो होने वाली नहीं है" को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस चैट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है और इसकी जांच जारी है.

इधर, वडगांव सत्र न्यायालय ने हाल ही में सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान दोनों के मोबाइल फोन से कुछ कोडेड चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है.

कोड लैंग्वेज का किया गया इस्तेमाल 

जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों आरोपी कथित तौर पर घटना से पहले लंबे समय से संपर्क में थे और बातचीत के दौरान कोड लैंग्वेज का इस्तेमाल करते थे. इसी कारण उनके मोबाइल फोन, चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है.

पुलिस के अनुसार, 18 जून को रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की लोनावला स्थित लोहागढ़ किले पर मौत हुई थी. शुरुआती जांच में इसे हादसा माना गया था, लेकिन बाद में पुलिस ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस डिजिटल व फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है.

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