India Bangladesh Relations: बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने भारत और बांग्लादेश के बीच आपसी सम्मान और समझ के आधार पर सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. यह पत्र पीएम मोदी द्वारा बांग्लादेश के लोगों और अंतरिम मुख्य सलाहकार को भेजे गए ईद-उल-अजहा संदेश के जवाब में लिखा गया. दोनों देशों के बीच यह पत्राचार एक महत्वपूर्ण संकेत है, जो उनके बीच स्थिरता और सहयोग की आशा को प्रकट करता है.
6 जून, 2025 को भेजे गए इस पत्र में यूनुस ने पीएम मोदी के संदेश को "दोनों देशों के बीच साझा मूल्यों" का प्रतीक बताया. उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री और भारतीय लोगों को शुभकामनाएं भी दीं. यूनुस का मानना है कि आपसी सम्मान और समझ के सिद्धांत पर आधारित सहयोग से दोनों देशों के लोग और उनकी भलाई आगे बढ़ सकती है.
यूनुस ने अपने पत्र में कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि आपसी सम्मान और समझ की भावना हमारे देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाएगी और हम दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए एकजुट होकर काम करेंगे." उनका यह संदेश भारत-बांग्लादेश संबंधों में एक नई दिशा का संकेत देता है, खासकर जब दोनों देशों के बीच आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों के चलते तनाव बढ़ा हुआ है.
यूनुस ने ईद-उल-अजहा को "विचार करने का समय" बताया, जो समुदायों को उत्सव, बलिदान, उदारता और एकता के स्पिरिट में एक साथ लाता है. उन्होंने यह भी कहा कि यह त्योहार सभी को दुनिया भर के लोगों की भलाई के लिए एकजुट होकर काम करने की प्रेरणा देता है.
4 जून, 2025 को प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ईद-उल-अजहा संदेश में इसे "भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा" बताया. उन्होंने इस त्योहार को "बलिदान, करुणा और भाईचारे के शाश्वत मूल्यों" का प्रतीक बताया, जो "एक शांतिपूर्ण और समावेशी दुनिया बनाने में महत्वपूर्ण हैं."
भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में अगस्त 2024 से तनाव देखा जा रहा है, जब शेख हसीना को सत्ता से हटा दिया गया. इसके बाद हसीना ने भारत में शरण ली और मई 2025 में जब उनकी पार्टी, अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया गया, तो ढाका ने न्यू दिल्ली पर बांग्लादेश की राजनीति में हस्तक्षेप का आरोप लगाया.
आर्थिक मोर्चे पर भी दोनों देशों के बीच समस्याएं बढ़ी हैं, खासकर जब बांग्लादेश का भारत के साथ $10 बिलियन का व्यापार घाटा है. हालांकि, हाल ही में 8 जून, 2025 को भेजे गए ईद-उल-अजहा संदेश के माध्यम से पीएम मोदी और मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस के बीच पत्राचार एक संकेत हो सकता है कि दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की दिशा में कुछ कदम उठाए जा रहे हैं. First Updated : Monday, 09 June 2025