हर व्यक्ति के लिए का अलग होता है तनाव का मतलब!

जिस तरह सुख-दुख, सफलता-असफलता, के प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग-अलग मायने होते हैं, ठीक उसी तरह तनाव के मायने भी हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग होते हैं। एक हालिया अध्ययन में यह बात सामने आई है, जिसमें लोगों के सोचने और उसे तनाव से जोड़ने के विभिन्न तरीकों को सूचीबद्ध किया गया है।

Janbhawana Times

जिस तरह सुख-दुख, सफलता-असफलता, के प्रत्येक व्यक्ति के लिए अलग-अलग मायने होते हैं, ठीक उसी तरह तनाव के मायने भी हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग होते हैं। एक हालिया अध्ययन में यह बात सामने आई है, जिसमें लोगों के सोचने और उसे तनाव से जोड़ने के विभिन्न तरीकों को सूचीबद्ध किया गया है। वैसे तो स्ट्रेस का अर्थ तनाव होता है। पर हर कोई अपने-अपने जीवन में अलग-अलग तरीको से अर्जेस्ट करता है। क्योकिं हर मानव की प्रतिरोधक क्षमता अलग-अलग होती है और वे अपनी क्षमता के अनुसार काम करते है।

आपके शरीर का किसी भी प्रकार की मांग या खतरे का जवाब देने का तरीका है। जब आप खतरे को समझते हैं, चाहे वह वास्तविक या कल्पनिक हो, तो शरीर की सुरक्षा एक तीव्र, स्वचालित प्रक्रिया में उच्च गियर में आती है। जिसे “लड़ाई-या-उड़ान” प्रतिक्रिया या “तनाव प्रतिक्रिया” कहा जाता है। किसी- किसी को तनाव इतना हो जाता है कि वह डिप्रेशन में चला जाता है। .

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