Lifestyle: आजकल बाजार में मिलने वाले पनीर की शुद्धता पर सवाल उठ रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक वीडियो ने इस बहस को और हवा दे दी है. वीडियो में बताया गया कि बाजार में मिलने वाला कुछ पनीर असली नहीं, बल्कि 'एनालॉग पनीर' है, जिसे लोग नकली पनीर भी कह रहे हैं. इसके बाद लोग यह जानने को उत्सुक हो गए हैं कि यह नकली पनीर क्या है, कैसे बनता है और इसे खाने से कोई नुकसान तो नहीं होता? आइए, इस खबर में हम इन सभी सवालों के जवाब आसान भाषा में समझते हैं.
क्या है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर असली दूध से नहीं बनता, बल्कि इसमें वनस्पति तेल, वसा या वनस्पति प्रोटीन का इस्तेमाल किया जाता है. यह असली पनीर जैसा दिखता है, लेकिन इसकी बनावट और स्वाद अलग होता है. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अनुसार, ऐसा कोई भी डेयरी प्रोडक्ट जिसमें दूध के मूल घटकों को हटाकर वनस्पति घटकों का इस्तेमाल किया गया हो, उसे "एनालॉग" कहा जाता है.
हाल ही में, ज़ोमैटो हाइपरप्योर पर इस तरह के पनीर को "टिक्का और ग्रेवी पनीर व्यंजनों के लिए उपयुक्त" कहकर बेचा गया था, जिससे इसकी सेहत पर प्रभाव को लेकर सवाल उठने लगे.
कैसे करें असली और नकली पनीर की पहचान?
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपके पास असली पनीर है या नकली, तो इन तरीकों से जांच कर सकते हैं:
हीट टेस्ट: असली पनीर को गर्म करने पर उसमें से दूध की वसा निकलती है, जबकि नकली पनीर में यह नहीं होता.
बनावट पर ध्यान दें: असली पनीर थोड़ा भुरभुरा होता है और पकने पर हल्का ब्राउन हो सकता है, जबकि नकली पनीर रबर जैसा और अधिक पानी छोड़ने वाला होता है.
गंध से पहचान: असली पनीर में दूधिया खुशबू होती है, जबकि नकली पनीर में कोई खास सुगंध नहीं होती.
पैकेट की जांच करें: अगर आप पैक्ड पनीर खरीद रहे हैं, तो सामग्री सूची में "एनालॉग" शब्द देखें. यह संकेत देता है कि यह असली दूध से नहीं बना है.
आयोडीन टिंचर टेस्ट: एक प्रभावशाली व्यक्ति ने सुझाव दिया कि उबले हुए पनीर में आयोडीन टिंचर डालने पर अगर रंग बदल जाए या काले धब्बे दिखें, तो वह नकली हो सकता है.
क्या नकली पनीर खाना सेहत के लिए हानिकारक है?
एनालॉग पनीर दिखने में भले ही असली पनीर जैसा लगे, लेकिन इसे खाने के संभावित खतरे हैं. आहार विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु राय का कहना है, "एनालॉग पनीर पूरी तरह से सिंथेटिक होता है और इसे खाने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है."
इससे जुड़ी कुछ समस्याएं इस प्रकार हैं:
🢒 सूजन और पाचन संबंधी दिक्कतें
🢒 हाई कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोगों का खतरा
🢒 ट्रांस फैट के कारण मोटापा बढ़ने की संभावना
🢒 डॉक्टरों का सुझाव है कि लोगों को इससे बचना चाहिए और हमेशा असली पनीर खरीदने की कोशिश करनी चाहिए.
क्या भारत में नकली पनीर बेचना वैध है?
तकनीकी रूप से, एनालॉग पनीर पर पूरी तरह से बैन नहीं है, लेकिन इसके लेबलिंग को लेकर सख्त नियम हैं. इसे बेचते समय स्पष्ट रूप से "एनालॉग" लिखना जरूरी है ताकि ग्राहक को सही जानकारी मिल सके. अगर कोई विक्रेता इसे असली पनीर बताकर बेचता है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और इस पर कार्रवाई हो सकती है.
कैसे बचें नकली पनीर से?
➛ किसी भरोसेमंद डेयरी से ही पनीर खरीदें.
➛ पैकेट के लेबल को ध्यान से पढ़ें और "एनालॉग" शब्द को चेक करें.
➛ घर पर पनीर बनाने की आदत डालें, ताकि पूरी तरह शुद्ध पनीर खा सकें.
➛ अगर पनीर का स्वाद, बनावट या गंध अजीब लगे, तो उसे खाना बंद कर दें.
नकली पनीर यानी एनालॉग पनीर असली दूध से नहीं, बल्कि वनस्पति वसा और प्रोटीन से बनाया जाता है. यह दिखने में असली पनीर जैसा ही होता है, लेकिन इसके स्वास्थ्य पर बुरे प्रभाव हो सकते हैं. इसलिए, हमेशा असली पनीर की पहचान करना सीखें और जागरूक रहें. अगर आप भी पनीर के शौकीन हैं, तो अगली बार खरीदते समय सावधानी जरूर बरतें! First Updated : Thursday, 06 February 2025