हैलोवीन बीत चुका है और अब सभी लोगों को नए साल का इंतजार है. साल के अंत को यादगार बनाने के लिए लोग इन दिनों अलग-अलग जगाहों पर घूमने-फिरने की योजनाएं बना रहे हैं. आमतौर पर ऐसे समय में लोग आरामदायक या लग्ज़री होटल को ही पसंद करते है.
लेकिन अगर आपको रोमांच पसंद है, तो दुनिया के सबसे मशहूर भूतिया होटलों में से एक में ठहरना आपके लिए एक अलग ही अनुभव हो सकता है. खास बात यह है कि इसी होटल से प्रेरित होकर मशहूर लेखक स्टीफन किंग ने अपनी प्रसिद्ध हॉरर नॉवेल 'द शाइनिंग' लिखी थी. जिसके बाद स्टैनली कुब्रिक ने इसी नाम से सुपरहिट फिल्म में बदला.
रहस्य और अनजान चीजें कई बार लोगों को अपनी ओर खींच लेती है, और यही बात अमेरिका के कोलोराडो राज्य के एस्टेस पार्क में स्थित स्टैनली होटल पर पूरी तरह लागू होती है. इस होटल का निर्माण साल 1909 में आविष्कारक फ्रीलान ऑस्कर स्टैनली ने एक शानदार पहाड़ी रिसॉर्ट के रूप में कराया था.
उस दौर में बिजली, टेलीफोन और अटैच बाथरूम जैसी सुविधाएं इस होटल को बेहद आधुनिक बनाती थीं. आज लोग इस होटल में सिर्फ ठहरने की जगह या सामान्य हॉस्पिटैलिटी के लिए नहीं, बल्कि उन अनुभवों के लिए आते हैं, जिनका संबंध रहस्यमयी और अलौकिक घटनाओं से जुड़ा बताया जाता है. वो अनुभव जो सामान्य आतिथ्य सत्कार से परे है.
स्टैनली होटल को अमेरिका के सबसे डरावने होटलों में गिना जाता है. यहां ठहरने वाले कई मेहमानों ने अजीब अनुभवों की बात कही है, जैसे- कभी किसी अदृश्य मौजूदगी का एहसास, कभी अचानक ठंड लगना, तो कभी ऐसा महसूस होना जैसे किसी ने कंधे पर हाथ रख दिया हो.
गलियारों, कमरों और सुरंगों में अजीब आवाजें, अपने आप हिलती चीजें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का खराब होना इस होटल में आम बात बताई जाती है. इन घटनाओं के चलते ही यह होटल कई पैरानॉर्मल शो और घोस्ट हंटर्स का पसंदीदा ठिकाना बन चुका है. होटल ने खुद भी इस पहचान को अपनाया है, जिसके चलते इसे 'भूतों का डिज्नीलैंड” तक कहा जाने लगा है.
कई लोगों का मानना है कि होटल की चौथी मंजिल सबसे ज्यादा सक्रिय है. यहां की सबसे चर्चित आत्मा एलिजाबेथ विल्सन की बताई जाती है, जो एक नौकरानी थीं. साल 1911 में कमरा नंबर 217 में गैस विस्फोट हुआ था, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गई थीं. इसके बावजूद उन्होंने कई साल तक होटल में काम किया. कहा जाता है कि उनकी मौत के बाद भी उनकी मौजूदगी उसी कमरे में महसूस की जाती है.
कमरा 217 में ठहरने वाले मेहमानों ने दावा किया है कि उनका सामान अपने आप खुल जाता है, कपड़े तह किए हुए मिलते हैं, लाइट्स खुद-ब-खुद ऑन-ऑफ होती हैं और दीवारों पर परछाइयां चलती दिखाई देती हैं. कुछ लोगों का कहना है कि अविवाहित जोड़ों को इस कमरे में अजीब बेचैनी महसूस होती है, जिसे एलिजाबेथ की आत्मा से जोड़ा जाता है.
इस होटल के संस्थापक एफ. ओ. स्टैनली और उनकी पत्नी फ्लोरा से जुड़ी कहानियां भी मशहूर हैं. कहा जाता है कि स्टैनली को गलियारों और बिलियर्ड रूम में टहलते देखा गया है, जबकि फ्लोरा की आत्मा को कॉन्सर्ट हॉल में पियानो बजाते सुना जाता है.
इनके अलावा भी कई आत्माओं की कहानियां सामने आती रही हैं. इसमें कमरा नंबर 428 में एक चरवाहा, तहखाने में पॉल नाम का मिस्त्री, लुसी नाम की एक महिला, चौथी मंजिल पर खेलते-हंसते बच्चे और कमरा नंबर 401 में एक आक्रामक पुरुष आत्मा शामिल हैं.
साल 1974 में, जब सर्दियों के कारण होटल लगभग बंद होने वाला था, तब स्टीफन किंग अपनी पत्नी तबिथा के साथ यहां ठहरे थे. उस समय वे होटल के गिने-चुने मेहमानों में से थे. खाली गलियारों और शांत माहौल ने किंग की कल्पना को गहरा असर दिया. वह कमरा नंबर 217 में रुके थे, जो सबसे ज्यादा चर्चित है. यहीं से उन्हें ओवरलुक होटल और द शाइनिंग की डरावनी कहानी का आइडिया मिला. हालांकि फिल्म की शूटिंग किसी और जगह हुई थी, लेकिन स्टैनली होटल का माहौल और बनावट किताब की आत्मा में साफ झलकती है.
अमेरिका और कई अन्य देशों में भूतिया पर्यटन तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. स्टैनली होटल इस ट्रेंड को पूरी तरह अपनाता है. यहां भूतिया टूर, पैरानॉर्मल सेशन और थीम आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. सबसे खास अनुभवों में से एक है '13' नाम का आधी रात के बाद होने वाला सेन्स, जिसमें मोमबत्ती की रोशनी में विक्टोरियन दौर की शैली में कहानियां सुनाई जाती हैं. यह कार्यक्रम सीमित लोगों के लिए होता है और इसमें व्यक्तिगत आत्माओं से संपर्क नहीं, बल्कि होटल की कहानियों पर ध्यान दिया जाता है.
इसके अलावा रात में होने वाला 'स्टैनली स्पिरिटेड नाइट टूर' भी काफी लोकप्रिय है, जिसमें करीब एक घंटे की गाइडेड वॉक कराई जाती है. इसके टिकट लगभग 30 डॉलर के होते हैं और छोटे बच्चों को इसमें शामिल होने की अनुमति नहीं होती. दिन के समय होटल ऐतिहासिक और थीम आधारित टूर भी कराता है, जिससे पर्यटक अपनी रुचि के अनुसार अनुभव चुन सकते हैं. First Updated : Saturday, 27 December 2025