रामनवमी 2026 से पहले घर लाएं ये शुभ वस्तुएं, वास्तु दोष होंगे दूर, लक्ष्मी कृपा बनी रहेगी
रामनवमी से पहले घर में कुछ खास शुभ चीजें लाने की परंपरा है. इससे वास्तु के दोष दूर भागते हैं, बुरी नजर का साया मिट जाता है और मां लक्ष्मी की मेहरबानी से घर में सुख-शांति, धन-दौलत और अपार प्रेम की बरसात होने लगती है.

रामनवमी हिंदू धर्म का सबसे पवित्र और उत्साहपूर्ण पर्व है, जो चैत्र मास की शुक्ल नवमी को मनाया जाता है. वर्ष 2026 में रामनवमी 27 मार्च को पड़ रही है. इस दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव को पूरे विधि-विधान और श्रद्धा से मनाने की परंपरा है. रामनवमी से पहले घर में कुछ विशेष शुभ वस्तुओं को लाकर स्थापित करने की प्रथा बहुत प्रचलित है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है, वास्तु दोष दूर होते हैं, बुरी नजर का प्रभाव कम होता है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.
रामनवमी के अवसर पर घर को दिव्य और शुद्ध बनाने के लिए ये 5 महत्वपूर्ण चीजें लाना और स्थापित करना अत्यंत शुभ माना जाता है. इन वस्तुओं की उपस्थिति से परिवार में एकता, शांति और समृद्धि का वातावरण बनता है. आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से.
रामदरबार की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें
रामनवमी से पहले घर में रामदरबार की मूर्ति या सुंदर तस्वीर लाना सबसे महत्वपूर्ण और शुभ कार्य है. रामदरबार में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी साथ विराजमान होते हैं. यह मूर्ति परिवार में प्रेम, मर्यादा, एकता और सुख-शांति का प्रतीक है. पूजा स्थल में स्थापित कर रोजाना राम नाम का जाप और आरती करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सद्भाव बढ़ता है. वास्तु दोष या बुरी नजर का प्रभाव भी धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है.
पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति या चित्र लाएं
पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर रामनवमी से पहले घर में लाना संकट निवारण के लिए सर्वोत्तम माना जाता है. पांच मुखों वाले हनुमान जी सभी दिशाओं से आने वाली नकारात्मक शक्तियों को रोकते हैं. उनकी उपस्थिति घर को हर प्रकार के भय, संकट और बुरी नजर से सुरक्षित रखती है. नियमित हनुमान चालीसा पाठ और पूजा से मानसिक शांति मिलती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं. खासकर कालसर्प दोष या पितृ दोष में यह बहुत प्रभावी है.
रामचरितमानस और हनुमान चालीसा की प्रतियां रखें
रामनवमी से पहले घर में रामचरितमानस और हनुमान चालीसा की प्रतियां अवश्य लाएं. तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस का नियमित पाठ घर को भक्तिमय और पवित्र बनाता है. हनुमान चालीसा का पाठ करने से बुरी शक्तियां दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. इन ग्रंथों को पूजा स्थल में सम्मान से रखें और रोजाना थोड़ा-थोड़ा पाठ करें. इससे शांति, समृद्धि और आत्मिक बल की प्राप्ति होती है. वास्तु दोष भी इनकी उपस्थिति से क्रमशः दूर होते हैं.
तुलसी की माला और पीला वस्त्र अवश्य लाएं
तुलसी की माला और पीला वस्त्र रामनवमी से पहले घर लाना अत्यंत शुभ फलदायी है. तुलसी माला पवित्रता, भक्ति और विष्णु-राम की कृपा का प्रतीक है. इसे पूजा स्थल में रखकर जाप करने से घर में सुख-शांति बढ़ती है. पीला रंग श्रीराम और भगवान विष्णु से जुड़ा है, जो समृद्धि, ज्ञान और शांति लाता है. पीला वस्त्र, पीली मूर्ति या पीला कपड़ा पूजा स्थल में रखने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और धन-समृद्धि में वृद्धि होती है.
घर की पूर्ण सफाई और सजावट करें
रामनवमी से पहले घर की गहन सफाई और सजावट करना भी अनिवार्य है. घर को साफ-सुथरा रखने से नकारात्मक ऊर्जा पूरी तरह दूर होती है. मुख्य द्वार पर आम या अशोक पत्तों का तोरण लगाएं, घर में फूलों की मालाएं सजाएं. रामनवमी के दिन सुबह स्नान कर नए वस्त्र पहनें और राम नाम का जाप करें. इन सभी कार्यों से वास्तु दोष दूर होते हैं, बुरी नजर का प्रभाव समाप्त होता है और भगवान राम व मां लक्ष्मी की कृपा से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है.
Disclaimer: ये धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है, JBT इसकी पुष्टि नहीं करता.


