सनातन धर्म में व्रत और पर्वों का विशेष महत्व है, जिन्हें श्रद्धा और आस्था के साथ पूरे देश में मनाया जाता है. इन्हीं पावन पर्वों में नवरात्रि का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है, जो मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित होता है. नवरात्रि के नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.
बहुत से लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि साल में केवल दो नहीं, बल्कि चार बार नवरात्रि आती है. चैत्र और शारदीय नवरात्रि के अलावा दो बार गुप्त नवरात्रि भी मनाई जाती है. गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व साधना और तांत्रिक उपासना से जुड़ा माना जाता है, जिसमें मां दुर्गा के साथ-साथ दस महाविद्याओं की आराधना की जाती है.
हिंदू पंचांग के अनुसार, गुप्त नवरात्रि साल में दो बार आती है. पहली बार आषाढ़ माह में और दूसरी बार माघ माह में इसका आयोजन होता है. माघ गुप्त नवरात्रि माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवमी तिथि तक मनाई जाती है. इस दौरान साधक विशेष साधनाएं और गोपनीय पूजा-अर्चना करते हैं.
वर्ष 2026 में माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि सोमवार 19 जनवरी को देर रात 01 बजकर 21 मिनट से प्रारंभ हो रही है. वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 19 जनवरी को देर रात 02 बजकर 14 मिनट पर होगा. सनातन परंपरा में उदया तिथि को मान्यता दी जाती है, इसलिए इस वर्ष माघ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 19 जनवरी से मानी जाएगी. इसी दिन घटस्थापना और मां दुर्गा की पूजा की जाएगी.
वैदिक पंचांग के अनुसार, 19 जनवरी को घटस्थापना का शुभ मुहूर्त प्रातः 07 बजकर 14 मिनट से शुरू होगा, जो सुबह 10 बजकर 46 मिनट तक रहेगा. इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से लेकर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. श्रद्धालु अपनी सुविधा और श्रद्धा के अनुसार किसी भी शुभ समय में कलश स्थापना कर गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ कर सकते हैं.
गुप्त नवरात्रि के दौरान तांत्रिक और अघोरी साधक आधी रात में मां दुर्गा की विशेष पूजा करते हैं. पूजा की शुरुआत मां दुर्गा की प्रतिमा या मूर्ति की स्थापना से की जाती है. इसके बाद मां को लाल रंग का सिंदूर अर्पित किया जाता है और सुनहरे गोटे वाली चुनरी चढ़ाई जाती है. फिर मां के चरणों में विधिवत पूजा सामग्री अर्पित की जाती है. मां दुर्गा को लाल पुष्प अर्पित किए जाते हैं. सरसों के तेल का दीपक जलाया जाता है. अंत में मां दुर्गा के मंत्र ‘ॐ दुं दुर्गायै नमः’ का जाप किया जाता है.
माघ गुप्त नवरात्रि साधना, तप और आंतरिक शक्ति की आराधना का विशेष पर्व माना जाता है, जिसे गुप्त रूप से और पूर्ण श्रद्धा के साथ संपन्न किया जाता है.
Disclaimer: ये धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है, JBT इसकी पुष्टि नहीं करता. First Updated : Saturday, 17 January 2026