Harshit Rana Gautam Gambhir Dinner: दिल्ली में टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने बुधवार की रात अपने घर पर खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए डिनर का आयोजन किया. आगामी क्रिकेट सीज़न से पहले यह एक अनौपचारिक मुलाकात थी ताकि खिलाड़ी आपस में बेहतर तालमेल बना सकें. इस डिनर में कई भारतीय खिलाड़ी टीम बस से पहुंचे, लेकिन युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा अपनी विशेष कार से अकेले पहुंचे, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी एंट्री चर्चा का विषय बन गई.
हर्षित राणा टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं हैं, फिर भी उनकी मौजूदगी ने फैंस का ध्यान खींचा. डिनर के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनकी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए. कुछ यूजर्स ने मजाकिया टिप्पणियां कीं, तो कुछ ने उनके बचाव में भी आवाज उठाई.
Sunil The Cricketer नाम के अकाउंट से एक पोस्ट में सवाल किया गया, "गौतम गंभीर ने टीम इंडिया के लिए अपने घर पर डिनर रखा, लेकिन हर्षित राणा कहां हैं?" इस पर एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, "डिनर बना रहा होगा," वहीं दूसरे ने कमेंट किया, "वो ही तो डिशेज सर्व कर रहा होगा." तीसरे यूजर ने तो चुटकी लेते हुए कहा, "उसको पहले ही सब्जियां काटने बुला लिया होगा."
हालांकि, कुछ यूजर्स ने राणा के पक्ष में भी अपनी राय रखी. एक यूजर ने लिखा, "हर्षित राणा दिल्ली में ही रहता है और वो स्क्वॉड का हिस्सा नहीं है, तो जाहिर है वो अपनी कार से ही आएगा, इसमें बड़ा मुद्दा क्या है?" वहीं दूसरे ने कहा, "भाई, तुम लोग कितना हेट करते हो यार वो बंदा दिल्ली में रहता है और टेस्ट टीम में नहीं है, इसलिए अकेले आया होगा."
हर्षित राणा हाल ही में घोषित ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए भारतीय टीम में शामिल किए गए हैं. उनके चयन को लेकर पूर्व भारतीय ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन ने सवाल उठाया. अपने यूट्यूब चैनल पर अश्विन ने कहा, "क्यों उन्हें चुना जा रहा है, मैं निश्चित नहीं हूं. मैं चयन बैठक में होना चाहूँगा ताकि वजह जान सकूं. शायद चयनकर्ता मानते हैं कि वो नंबर 8 पर उपयोगी बल्लेबाज हो सकते हैं, लेकिन मैं उनकी बल्लेबाजी क्षमता को लेकर आश्वस्त नहीं हूं."
वहीं, पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने हर्षित राणा का बचाव किया और फैंस से ट्रोलिंग बंद करने की अपील की. उन्होंने कहा , "लोग इस बच्चे को ट्रोल कर रहे हैं. ये उसकी गलती नहीं है कि उसे हर स्क्वॉड में चुना जा रहा है. भारत के लिए खेलने वाला कोई भी खिलाड़ी चयनकर्ताओं द्वारा चुना जाता है. कप्तान और कोच इनपुट देते हैं लेकिन उनके पास वोटिंग अधिकार नहीं होते. अगर इसके बाद भी कोई खिलाड़ी बार-बार चुना जाता है, तो ये उसकी गलती नहीं है. आप अपनी बंदूकें गलत दिशा में चला रहे हैं."
First Updated : Thursday, 09 October 2025