मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में फिर से भूचाल आ गया है. 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर शिवसेना (शिंदे गुट) और शिवसेना (उद्धव गुट) के बीच जुबानी जंग तेज़ हो गई है. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बीच बयानबाजी अब आर-पार की लड़ाई में बदल गई है. जहां शिंदे ने खुद को 'असली टाइगर' बताया, वहीं उद्धव ठाकरे ने सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की गई तो सिर तोड़ देंगे.
शिवसेना के भीतर चल रही इस सियासी खींचतान ने महाराष्ट्र की राजनीति को गरमा दिया है. उद्धव ठाकरे ने भाजपा और एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला बोला और सीबीआई-ईडी का सहारा लेने का आरोप लगाया. दूसरी ओर, शिंदे ने दावा किया कि असली शिवसेना उनके साथ है और जनता ने इसे अपने मतों से साबित कर दिया है. आइए जानते हैं, इस पूरे विवाद की गहराई में क्या चल रहा है.
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर उद्धव ठाकरे के आरोपों पर करारा जवाब दिया. उन्होंने कहा,
"असली टाइगर और असली शिवसेना हमारे साथ है. उधर नकली लोग बैठे हैं. यह जनता ने अपने मत से साबित कर दिया है. अभी तो यह ट्रेलर है, पूरी पिक्चर बाकी है." शिंदे ने आगे कहा कि उन्हें 'ऑपरेशन टाइगर' चलाने की कोई ज़रूरत नहीं है, क्योंकि लोग खुद उनके साथ आ रहे हैं. उन्होंने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा, "हम जनता के बीच रहकर काम करते हैं, फेसबुक सरकार नहीं चलाते. काम करने से लोगों के वोट मिलते हैं, झूठे आरोप लगाने से नहीं."
उद्धव ठाकरे की सीधी चेतावनी: "सिर तोड़ देंगे!"
एकनाथ शिंदे के दावों पर पलटवार करते हुए उद्धव ठाकरे ने बेहद तीखे शब्दों में जवाब दिया. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, "अगर आप (शिंदे और बीजेपी) मर्द की औलाद हैं तो सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स और पुलिस को एक तरफ रख दें और हमारे साथ सीधी लड़ाई लड़ें. तब हम आपको दिखाएंगे कि असली शिवसेना कौन सी है. हमारी पार्टी को तोड़ने की कोशिश करोगे, तो हम सिर तोड़ देंगे!" उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और शिंदे गुट सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल कर शिवसेना को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं. साथ ही, उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह एकजुट है और कोई भी ऑपरेशन इसे तोड़ नहीं सकता.
उद्धव ठाकरे गुट ने आरोप लगाया है कि एकनाथ शिंदे उनकी पार्टी के सांसदों और नेताओं को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. इसको लेकर उद्धव गुट के सांसदों ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और अपनी एकजुटता दिखाई. उन्होंने कहा, "हम सभी 9 सांसद एक साथ हैं और एकनाथ शिंदे गुट जानता है कि उनके दावे कितने खोखले हैं. हम सब उद्धव ठाकरे के साथ मजबूती से खड़े हैं." वहीं, सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि इस पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए और यह साबित होना चाहिए कि कौन असली शिवसेना है.
सिर्फ उद्धव ठाकरे ही नहीं, बल्कि एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा, "राहुल गांधी कभी हार मानते नहीं हैं, लेकिन गलती स्वीकार करेंगे तभी सुधार होगा. जब उन्हें हार का सामना करना पड़ता है, तो वे ईवीएम और चुनाव आयोग को दोष देने लगते हैं. अब वे मतदाता सूची को दोषी ठहरा रहे हैं, क्योंकि उन्हें पहले से पता है कि दिल्ली में उनकी हार होने वाली है." शिंदे ने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले ढाई सालों में कई विकास कार्य किए हैं, जिसमें 'लाडली बहन योजना' समेत कई जनकल्याणकारी योजनाएँ शामिल हैं. उन्होंने कहा कि जनता उनके काम से खुश है और इसीलिए लोगों ने उन्हें वोट दिया है.
आपको बता दें कि महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर घमासान मचा हुआ है. एक तरफ उद्धव ठाकरे अपने गढ़ को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, तो दूसरी ओर एकनाथ शिंदे खुद को असली शिवसेना बताकर मैदान में डटे हुए हैं. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह राजनीतिक संघर्ष किस ओर जाता है और क्या वाकई 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत उद्धव गुट को कोई बड़ा झटका लगता है या नहीं. First Updated : Saturday, 08 February 2025