हैदराबादः तेलंगाना में आवारा कुत्तों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का एक और गंभीर मामला सामने आया है. पशु अधिकार संगठनों ने आरोप लगाया है कि जगित्याल जिले में लगभग 300 आवारा कुत्तों को जानबूझकर मार दिया गया. इस घटना ने न केवल राज्य बल्कि पूरे देश में पशु कल्याण को लेकर चिंता बढ़ा दी है. कार्यकर्ताओं का दावा है कि हाल के महीनों में इस तरह की घटनाओं में अब तक करीब 900 आवारा कुत्तों की जान जा चुकी है.
पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कृत्य अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे स्थानीय स्तर पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भूमिका हो सकती है. आरोप है कि ग्राम पंचायत चुनावों से पहले ग्रामीणों से किए गए वादों को पूरा करने के नाम पर आवारा कुत्तों को खत्म करने का रास्ता अपनाया गया. कहा जा रहा है कि कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए यह अवैध और क्रूर कदम उठाया गया.
ताजा मामला 22 जनवरी को पेगाडापल्ली गांव से सामने आया, जहां शिकायत दर्ज कराई गई कि करीब 300 आवारा कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देकर मार दिया गया. शिकायत में गांव के सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव को इस पूरे मामले का जिम्मेदार ठहराया गया है. आरोप है कि सरपंच के निर्देश पर कुछ लोगों को यह काम सौंपा गया, जिन्होंने कुत्तों को मारकर उनके शव दफना दिए.
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. जगित्याल पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान एक स्थान से 70 से 80 कुत्तों के शव कब्र से निकाले गए हैं. शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि इन शवों को तीन से चार दिन पहले दफनाया गया था.
जांच अधिकारी निरीक्षक सी. किरण ने बताया कि फिलहाल किसी की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कुत्तों की मौत किस तरह हुई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही. पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
यह मामला अकेला नहीं है. जनवरी महीने में ही तेलंगाना के कई हिस्सों से ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं. पशु अधिकार संगठनों के अनुसार, 19 जनवरी को हैदराबाद के पास याचारम गांव में करीब 100 आवारा कुत्तों को जहर देकर मारने का आरोप लगा था, जहां मौके से लगभग 50 मृत कुत्ते बरामद हुए थे.
इससे पहले हनमकोंडा जिले के श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में करीब 300 कुत्तों की मौत के मामले में दो महिला सरपंचों और उनके पतियों समेत नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. वहीं, कामारेड्डी जिले में भी लगभग 200 आवारा कुत्तों की हत्या के आरोप में पांच ग्राम सरपंचों सहित छह लोगों पर कार्रवाई की गई थी. First Updated : Saturday, 24 January 2026