राजस्थान में तीन अलग-अलग सड़क हादसों में 7 लोगों की मौत, 20 से अधिक घायल

राजस्थान के डूंगरपुर, बांसवाड़ा और दौसा जिलों में होली के दिन हुए तीन अलग-अलग सड़क हादसों में 7 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए. पुलिस ने तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसों की मुख्य वजह बताते हुए जांच शुरू कर दी है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

राजस्थान में तेज रफ्तार का कहर लगातार जानलेवा साबित हो रहा है. होली जैसे खुशियों के पर्व पर भी सड़क दुर्घटनाओं ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया. राजस्थान के डूंगरपुर, बांसवाड़ा और दौसा जिलों में हुए तीन अलग-अलग हादसों में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए. पुलिस ने सभी मामलों में जांच शुरू कर दी है और लापरवाही को बड़ी वजह बताया है.

जसेला-कसारिया मार्ग पर हादसा 

डूंगरपुर के चितरी थाना क्षेत्र में जसेला-कसारिया मार्ग पर एक दर्दनाक हादसा हुआ. यहां एक मोटरसाइकिल अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार तीन युवकों विक्रम डेंडोर, विनोद डेंडोर और विष्णु कुमार की हालत गंभीर हो गई. बताया जा रहा है कि तीनों एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे. स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को 108 एंबुलेंस के जरिए सागवाड़ा अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान तीनों ने दम तोड़ दिया. घटना के बाद गांव में शोक का माहौल छा गया.

बांसवाड़ा में दो लोगों की मौत 

इसी तरह बांसवाड़ा में स्टेट हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने दो लोगों की जान ले ली. दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया. हादसे के कारण हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात काफी देर तक प्रभावित रहा. पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि त्योहारों के दौरान विशेष सतर्कता बरतें और शराब पीकर वाहन चलाने से बचें.

सवारियों से भरा टेंपो पलटा 

दौसा में दौसा-मनोहरपुर नेशनल हाईवे-148 पर रतनपुरा हरिपुरा के पास यात्रियों से भरा एक लोडिंग टेंपो तेज रफ्तार के कारण पलट गया. बताया जा रहा है कि वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी थीं. टेंपो पलटने से 15 से 20 लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है.

तीनों हादसों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी कब तक यूं ही जान लेती रहेगी. पुलिस ने प्रारंभिक जांच में तेज गति और लापरवाही को मुख्य कारण माना है. अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन और जिम्मेदार ड्राइविंग ही ऐसे हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag