गुजरात के बोटाद मार्केटिंग यार्ड में लंबे समय से चल रहे कथित घोटाले को आम आदमी पार्टी के किसान सेल प्रमुख राजू करपड़ा ने उजागर किया है. उन्होंने एक वीडियो जारी कर बताया कि यहां “कळदा” यानी कटौती के नाम पर किसानों को लगातार ठगा जा रहा है. उनके अनुसार, व्यापारी पहले ऊंचे दाम की बोली लगाते हैं और फिर किसानों को मजबूर करते हैं कि वे कपास उनकी गिन्निंग फैक्ट्री तक ले जाएं. वहां पहुंचने के बाद कपास की गुणवत्ता खराब बताकर तय कीमत से 200-300 रुपये प्रति क्विंटल तक घटा दिए जाते हैं.
करीब दो साल पहले भी किसानों की शिकायतों पर जब करपड़ा टीम के साथ यार्ड पहुंचे थे, तो कुछ समय के लिए यार्ड बंद करना पड़ा था. बाद में प्रशासन ने समाधान के नाम पर उनकी गिरफ्तारी कर ली, लेकिन किसानों ने आंदोलन जारी रखा. अब ताजा शिकायतें फिर सामने आई हैं कि कळदा का खेल दोबारा शुरू हो गया है.
9 अक्टूबर को करपड़ा ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि वे किसानों के साथ 10 अक्टूबर को बोटाद यार्ड जाएंगे. इससे घबराकर एपीएमसी अधिकारियों ने बैठक कर मीडिया को आश्वस्त किया कि अब कटौती नहीं होगी. जब करपड़ा हजारों किसानों के साथ यार्ड पहुंचे, तो चेयरमैन ने भी सबके सामने वादा किया कि किसानों को पूरा दाम मिलेगा और शिकायत पर दोषी व्यापारी का लाइसेंस दो दिन में रद्द कर दिया जाएगा. लेकिन जब करपड़ा ने इस आश्वासन को लिखित में देने को कहा, तो चेयरमैन ने इंकार कर दिया. इसी कारण किसानों के साथ धरना शुरू कर दिया गया.
धरना बढ़ता देख प्रशासन ने रात तीन बजे कार्रवाई करते हुए राजू करपड़ा को गिरफ्तार कर लिया. इस पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कड़ा बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि गुजरात के मार्केटिंग यार्डों पर भाजपा नेताओं का कब्ज़ा है और किसानों को उनके पसीने की कमाई का उचित दाम नहीं दिया जा रहा. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में जो भी किसानों के हक़ की बात करता है, उसे जेल भेज दिया जाता है.
केजरीवाल ने कहा कि राजू करपड़ा का अपराध सिर्फ इतना था कि वे किसानों के लिए उचित दाम की मांग कर रहे थे. उन्होंने चेतावनी दी कि सच्चाई को जेल में बंद नहीं किया जा सकता और किसानों की लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है. First Updated : Saturday, 11 October 2025