सीमांचल में घुसपैठ पर सख्त अमित शाह, कहा- 10 KM के भीतर अवैध ढांचे होंगे जमींदोज
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती घुसपैठ और अवैध निर्माण को लेकर कड़ा रुख अपनाने का संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे 10 किलोमीटर के दायरे में बने अवैध ढांचों की पहचान कर उन्हें हटाने की योजना बनाई जा रही है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमावर्ती इलाकों में बढ़ती घुसपैठ और अवैध निर्माण को लेकर कड़ा रुख अपनाने का संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध रूप से प्रवेश की घटनाएं देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं. ऐसे में सरकार ने स्पष्ट किया है कि घुसपैठियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि सीमा सुरक्षा मजबूत हो सके.
अवैध ढांचों की होगी पहचान
गृह मंत्री ने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे 10 किलोमीटर के दायरे में बने अवैध ढांचों की पहचान कर उन्हें हटाने की योजना बनाई जा रही है. इसके लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर एक विशेष कार्य योजना तैयार की जाएगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमा क्षेत्र में किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधियों को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून के दायरे में रहकर सख्त कदम उठाए जाएंगे.
अररिया जिले के सिकटी स्थित लेटी में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 52वीं वाहिनी के प्रशासनिक और आवासीय भवन के उद्घाटन के दौरान गृह मंत्री ने सीमांचल क्षेत्र में हो रहे जनसंख्या संतुलन में बदलाव को भी गंभीर चिंता का विषय बताया. उन्होंने इस मामले की विस्तृत जांच कराने की बात कही और एसएसबी के जवानों को सीमा पर पूरी सतर्कता के साथ तैनात रहने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि घुसपैठ और तस्करी जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों को और अधिक सतर्क और सक्रिय रहना होगा.
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे गृह मंत्री
अपने तीन दिवसीय सीमांचल दौरे के दौरान गृह मंत्री सीमावर्ती जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे. इस दौरान सीमा प्रबंधन, कानून-व्यवस्था की स्थिति और केंद्र सरकार की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति पर चर्चा की जाएगी. विशेष रूप से ‘वाइब्रेंट विलेजेस कार्यक्रम’ के तहत सीमावर्ती गांवों के विकास की स्थिति का भी आकलन किया जाएगा.
दौरे के पहले दिन गृह मंत्री ने किशनगंज में रात्रि विश्राम किया और गुरुवार सुबह अररिया रवाना होने से पहले स्थानीय हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की. इस दौरान मंदिर के बाहर मौजूद लोगों ने देशभक्ति से जुड़े नारे लगाकर उनका स्वागत किया. शुक्रवार को उनका कार्यक्रम पूर्णिया में प्रस्तावित है, जहां वे प्रशासनिक बैठकों के साथ-साथ जनसभा को भी संबोधित करेंगे.


