रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली की बीजेपी सरकार का पहला बजट सत्र सोमवार से शुरू हुआ और यह 28 मार्च तक चलेगा. राष्ट्रीय राजधानी का बजट 25 मार्च को पेश किया जाएगा, जो नए प्रशासन के तहत एक महत्वपूर्ण वित्तीय नीति बदलाव को दर्शाता है. सदन की कार्यसूची के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता वित्तीय समितियों के चुनाव के लिए प्रस्ताव पेश करेंगी, जो विधानसभा के वित्तीय शासन में एक महत्वपूर्ण कदम होगा.
पांच दिवसीय बजट सत्र की शुरुआत खीर समारोह के साथ हुई. पहले दिन 2024 के लिए दिल्ली परिवहन निगम पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट पेश किए जाने की संभावना है. मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 27 साल में भाजपा सरकार का पहला बजट पेश करेंगी.
सत्र की शुरुआत सुबह 9 बजे एक पारंपरिक 'खीर समारोह' के साथ हुई. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सदस्यों को खीर परोसकर सत्र की शुरुआत की. यह प्रतीकात्मक संकेत महत्वपूर्ण घटनाओं की शुरुआत किसी मीठी चीज से करने के विचार पर आधारित है, जो सद्भाव और समृद्धि को दर्शाता है. विधानसभा में इसे विधायी बहस में शामिल होने से पहले सभी सदस्यों को आपसी सम्मान और साझा जिम्मेदारी की भावना में एक साथ लाने के तरीके के रूप में देखा जाता है.
इस साल का दिल्ली बजट सत्र काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह नवनिर्वाचित भाजपा सरकार के तहत पहला वित्तीय खाका है, जो 2025 के विधानसभा चुनावों में 27 साल बाद सत्ता में लौटी है. 24 फरवरी से 3 मार्च तक आयोजित पहले सत्र के बाद होने वाला यह सत्र नए प्रशासन का दूसरा सत्र होगा.
आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा मार्च 2023 में पेश किए गए पिछले साल के बजट के विपरीत, जिसमें कुल 76,000 करोड़ रुपये का परिव्यय था और जिसका विषय 'राम राज्य' था, इस साल की वित्तीय योजना एक नया दृष्टिकोण लेकर आई है.इस बार दिल्ली के बजट की थीम 'विकसित दिल्ली'रखी गई है. भाजपा सरकार के प्रस्ताव में राजधानी भर में समग्र विकास के लिए एक रोडमैप का वादा किया गया है.
सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू होगी, जिसमें मंत्री विधायकों के सवालों का जवाब देंगे. इसके बाद नियम 280 के तहत विशेष उल्लेख खंड होगा, जिसके दौरान विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाएंगे. First Updated : Monday, 24 March 2025