नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में पत्रकार गिरफ्तार, आरोपी दरोगा फरार
कानपुर में नाबालिग के साथ गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग कटघरे में है. एक कथित पत्रकार की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि आरोपी दरोगा फरार है और उसकी तलाश में चार विशेष टीमें जुटी हुई हैं.

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से सामने आए नाबालिग के अपहरण और गैंगरेप के मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. सचेंडी थाना क्षेत्र की इस घटना में न सिर्फ एक कथित पत्रकार की गिरफ्तारी हुई है, बल्कि पुलिस विभाग से जुड़े एक दरोगा पर भी गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं.
पीड़िता के परिजनों की शिकायत के बाद दर्ज हुए मुकदमे में शुरुआती जांच के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर दिया. मामला सामने आते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच तेज कर दी है और आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं.
दरोगा पर लगे गंभीर आरोप
इस मामले में भीमसेन चौकी प्रभारी दरोगा अमित मौर्या पर नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप है. आरोप है कि उन्होंने शिवबरन नाम के एक कथित पत्रकार के साथ मिलकर अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में करीब दो घंटे तक इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया. बताया जा रहा है कि घटना दरोगा के ही कार्यक्षेत्र में हुई, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं.
चार विशेष टीमें जांच में जुटीं
मामला उजागर होते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया गया है. आरोप है कि पीड़िता के नाबालिग होने के बावजूद शुरुआत में पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और मामले को हल्के में लिया गया.
पत्रकार गिरफ्तार, दरोगा अब भी फरार
पुलिस ने घटना में शामिल दूसरे आरोपी और कथित पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, दरोगा अमित मौर्या को भी निलंबित कर दिया गया है, लेकिन वह वारदात के बाद से फरार है. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने चार विशेष टीमों का गठन किया है, जो लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं.
स्कॉर्पियो में बैठाकर किया गया दुष्कर्म
पीड़िता के बयान के मुताबिक, रविवार रात करीब 10 बजे वह शौच के लिए घर से बाहर निकली थी. इसी दौरान स्कॉर्पियो सवार दो युवक उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए. आरोपी उसे सचेंडी इलाके में रेलवे ट्रैक के पास एक सुनसान जगह पर ले गए, जहां कार के अंदर करीब दो घंटे तक उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया. पीड़िता की चीख-पुकार गाड़ी के शीशे बंद होने के कारण बाहर नहीं पहुंच सकी.
आधी रात घर के पास छोड़कर भागे आरोपी
घटना के बाद आरोपी नाबालिग को देर रात उसके घर के पास छोड़कर फरार हो गए. किसी तरह घर पहुंचकर पीड़िता ने परिजनों को आपबीती बताई, जिसके बाद उसके भाई ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी. सोमवार को मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद अपहरण और गैंगरेप की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई.
पुलिस आयुक्त का बयान
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कहा,"आरोपी पुलिसकर्मी को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा. नाबालिग से जुड़े इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी."


