Banke Bihari Mandir: मथुरा के विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में शनिवार, 18 अक्टूबर 2025 को वर्षों से बंद पड़े तहखाने को खोले दिया गया है. यह प्रक्रिया हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी के निर्देश पर की गई, लेकिन इसके दौरान मंदिर परिसर में भारी हलचल और विवाद भी देखने को मिला. तहखाना खोलते समय मंदिर के पट बंद थे, फिर भी गोस्वामी समाज के प्रतिनिधियों, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने माहौल को काफी गर्मा दिया.
करीब पांच घंटे तक चली इस पूरी कार्रवाई के दौरान कई रहस्यों से पर्दा उठा. लोग यह जानने को उत्सुक थे कि तहखाने में क्या-क्या छिपा है और क्या वह सब सामने आया जिसकी चर्चा लंबे समय से हो रही थी. तो चलिए जानते हैं, तहखाना खोलने की इस रहस्यमयी प्रक्रिया में क्या हुआ.
दोपहर करीब 1 बजे हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य मंदिर में पहुंचने लगे. उनके साथ भारी संख्या में पुलिस बल, मजिस्ट्रेट, प्रशासनिक अधिकारी और मुंशी भी मंदिर परिसर में मौजूद रहे. तहखाना खोलने से पहले समिति सदस्य दिनेश गोस्वामी ने गेट के बाहर दीपक जलाया और ईश्वर से प्रार्थना की कि सारी प्रक्रिया निर्विघ्न पूर्ण हो.
तहखाने के दरवाजे पर लगे पुराने ताले को तोड़ने की बजाय ग्राइंडर से काटा गया. जब अधिकारियों ने तहखाने के अंदर प्रवेश करने की कोशिश की, तो गेट के आसपास की भारी गंदगी ने रोड़ा डाला. पहले गेट की सफाई करवाई गई, फिर अंदर प्रवेश किया गया.
तहखाने में प्रवेश करते ही एक टूटा हुआ बक्सा नजर आया, जिस पर ताला लटका था. जब उसे खोला गया, तो वह पूरी तरह खाली निकला. इसके बाद तहखाने में एक और गेट मिला, जो उल्टे हाथ की दिशा में था. इस गेट को खोलने पर वहां चार और बक्से मिले. इनमें से दो बक्सों के ताले खुले हुए थे और उनके भीतर बर्तन रखे हुए थे. तीसरे बक्से में भी बर्तन ही पाए गए. चौथा बक्सा समय की कमी के कारण नहीं खोला जा सका, जिसे ऐसे ही छोड़ दिया गया.
तहखाने के भीतर आगे जाने पर नीचे की ओर चार से पांच सीढ़ियां मिलीं. जब अधिकारी और कमेटी सदस्य नीचे उतरे, तो वहां दो छोटे सांप के बच्चे मिले. सांपों के दिखने की खबर फैलते ही मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई. हालांकि, वन विभाग की टीम ने समय रहते दोनों को सुरक्षित पकड़ लिया.
तहखाना खोले जाने की पूरी प्रक्रिया के दौरान गोस्वामी समाज ने विरोध जताया और मांग की कि इस कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग की जानी चाहिए. इस मांग को लेकर काफी हंगामा हुआ और मामला गरमा गया.
जैसे ही मंदिर खोलने का समय हो गया, तहखाने की जांच प्रक्रिया को रोकना पड़ा. जो कार्य अधूरा रह गया था, उसे अगली बार के लिए छोड़ दिया गया. तहखाने के दरवाजे को दोबारा ताले से बंद कर सील कर दिया गया. पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग प्रशासन द्वारा कराई गई है. अब तहखाना दोबारा कब खोला जाएगा, इसका निर्णय अगले आदेश पर निर्भर करेगा.
First Updated : Sunday, 19 October 2025