मुकेश अंबानी की मां कोकिलाबेन की बिगड़ी तबीयत, HN रिलायंस हॉस्पिटल में भर्ती
मुकेश अंबानी की मां कोकिलाबेन अंबानी को शुक्रवार को मुंबई के HN रिलायंस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई जा रही है, लेकिन कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. कोकिलाबेन अंबानी, धीरूभाई अंबानी की पत्नी और अंबानी परिवार की कुलमाता मानी जाती हैं. उन्होंने परिवार को मुश्किल समय में एकजुट रखा और समाज सेवा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

Kokilaben Ambani Health : उद्योगपति मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी की मां, कोकिलाबेन अंबानी को शुक्रवार सुबह एयरलिफ्ट कर मुंबई के HN रिलायंस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. उनके स्वास्थ्य को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन उनकी बढ़ती उम्र और मौजूदा स्थिति को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं. सोशल मीडिया पर इस दौरान उनकी अस्पताल में पहुंचते परिवार के सदस्यों की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रही हैं, जिससे उनकी सेहत को लेकर और भी सवाल उठ रहे हैं.
कोकिलाबेन का परिवार में अहम स्थान
धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद का संघर्ष
2002 में धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद अंबानी परिवार के बीच हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे. उनके दोनों बेटे, मुकेश और अनिल अंबानी के बीच विभाजन हुआ और व्यापार के बंटवारे की स्थिति बन गई. धीरूभाई ने कोई वसीयत नहीं छोड़ी थी, जिसके कारण स्थिति और भी जटिल हो गई थी. इस मुश्किल समय में कोकिलाबेन ने परिवार के लिए समाधान निकाला और दोनों भाइयों के बीच कारोबार का बंटवारा किया. मुकेश को पेट्रोकेमिकल्स, तेल और गैस जैसे व्यवसाय सौंपे गए, जबकि अनिल को फाइनेंशियल सर्विसेज, पावर, एंटरटेनमेंट और टेलीकॉम का जिम्मा दिया गया.
कोकिलाबेन की समाज सेवा में भागीदारी
कोकिलाबेन का योगदान केवल अंबानी परिवार तक ही सीमित नहीं रहा. उन्होंने समाज सेवा के कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई. मुंबई स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल का नाम उनके सम्मान में रखा गया है, जो एक प्रमुख मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल है. यह उनके समाज सेवा के प्रति गहरे समर्पण को दर्शाता है. उन्होंने हमेशा समाज के कल्याण के लिए काम किया और अपनी जिम्मेदारी निभाई.
कोकिलाबेन अंबानी, परिवार की धूरी
कोकिलाबेन का जीवन एक प्रेरणा है, जिसमें उन्होंने न केवल परिवार के बीच सामंजस्य बनाए रखा, बल्कि अपने समाज सेवा के कार्यों से भी लोगों के दिलों में खास जगह बनाई. उनके परिवार में मुश्किल वक्त में भी उन्होंने सख्त नेतृत्व दिखाया और एक जटिल स्थिति का हल निकाला. आज भी वह अंबानी परिवार की धुरी मानी जाती हैं और उनकी सेहत को लेकर हर किसी की चिंता स्वाभाविक है.


