Prashant Kishor Bihar elections : जन सुराज पार्टी के संस्थापक और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा संकेत दिया है. उन्होंने यह स्पष्ट तो नहीं किया कि वे कहां से चुनाव लड़ेंगे, लेकिन दो प्रमुख सीटों राघोपुर और करगहर का उल्लेख कर साफ कर दिया कि उनका इरादा इस बार सियासी मैदान में उतरने का है.
तेजस्वी के गढ़ में चुनौती या जन्मभूमि की ओर वापसी?
आपको बता दें कि प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर वे चुनाव लड़ेंगे तो या तो तेजस्वी यादव की परंपरागत सीट राघोपुर से लड़ सकते हैं या फिर अपने जन्मस्थान रोहतास जिले की करगहर सीट से. उनका कहना है कि नेता को या तो अपनी जन्मभूमि से चुनाव लड़ना चाहिए या फिर उस जगह से, जिसे उसने अपनी कर्मभूमि बनाया हो.
20 साल से चुनाव नहीं लड़ रहे CM नीतीश
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नीतीश कुमार पर भी तीखा हमला बोला. पीके ने कहा कि नीतीश कुमार पिछले 20 वर्षों से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं और उन्हें “पिछले दरवाजे से नेता बनने वाला” बताया. प्रशांत ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर नीतीश कुमार चुनाव लड़ते हैं, तो वे भी उनके खिलाफ खड़े होंगे.
पार्टी तय करेगी अंतिम फैसला
हालांकि प्रशांत किशोर ने यह भी स्पष्ट किया कि वह जन सुराज पार्टी से ऊपर नहीं हैं. अगर पार्टी उन्हें टिकट देती है, तभी वे चुनावी रणभूमि में उतरेंगे. उन्होंने दोहराया कि पार्टी सामूहिक रूप से तय करेगी कि उन्हें चुनाव लड़ना चाहिए या नहीं और यदि लड़ना है तो किस सीट से.
दो सीटों से लड़ने की संभावना
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पीके ने जो बातें कही हैं, उनसे साफ है कि वे दो जगहों से एक साथ चुनाव लड़ सकते हैं राघोपुर और करगहर. यदि ऐसा होता है, तो एक तरफ वो तेजस्वी यादव को सीधी चुनौती देंगे और दूसरी तरफ अपनी जन्मभूमि से भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करेंगे.
बिहार की राजनीति में हड़कंप
वैसे देखा जाए तो प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है. उनका चुनाव लड़ना न केवल सियासी समीकरण बदल सकता है, बल्कि नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव जैसे दिग्गज नेताओं को सीधी चुनौती देने जैसा भी होगा. अब देखना ये होगा कि जन सुराज पार्टी उन्हें किस सीट से मैदान में उतारती है.
First Updated : Wednesday, 03 September 2025