टेक इंडस्ट्री के उद्यमी प्रसन्न शंकर ने सोशल मीडिया पर अपनी पत्नी और चेन्नई पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि वो अपनी पत्नी से चल रहे तलाक और कस्टडी मामले में कई मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर एक के बाद एक पोस्ट में दावा किया है कि वो चेन्नई पुलिस से बचने के लिए भाग रहे हैं. प्रसन्न शंकर के इस पोस्ट को अब तक 8.6 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है.
प्रसन्न शंकर, जो नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, त्रिची के ग्रेजुएट और सिंगापुर में क्रिप्टो सोशल नेटवर्क 0xPPL.com के संस्थापक हैं. उन्होंने अपनी आपबीती साझा करते हुए कहा है कि ये सब तब शुरू हुआ जब उन्हें अपनी पत्नी के अफेयर के बारे में सबूत मिले. इसके बाद उनकी पत्नी ने तलाक की बड़ी रकम की मांग की और जब बातचीत असफल रही, तो उन्होंने प्रसन्न शंकर पर घरेलू हिंसा का झूठा आरोप लगाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
प्रसन्न शंकर ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी ने उन्हें परेशान करने के लिए तलाक का मामला अमेरिका में दायर किया, जबकि भारत में पहले ही मामले की शुरुआत कर दी गई थी. उनकी पत्नी ने उनके नौ साल के बेटे को अमेरिका ले जाकर अपहरण किया, जिससे उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाल अपहरण का मामला दायर किया. उनका कहना है कि अमेरिकी अदालत ने उनके पक्ष में फैसला दिया और दोनों पक्षों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए.
इस समझौते के तहत, प्रसन्न शंकर को अपनी पत्नी को करीब 9 करोड़ रुपये और 4.3 लाख रुपये हर महीने की राशि अदा करनी थी, जबकि बेटे की संयुक्त कस्टडी का भी प्रावधान था. लेकिन प्रसन्न शंकर के अनुसार, उनकी पत्नी ने इस MoU का पालन करने से मना कर दिया, खासकर बच्चे के पासपोर्ट को साझा लॉकर्स में जमा करने के बारे में, जिससे और कानूनी विवाद होने लगे.
प्रसन्न शंकर ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पत्नी के खिलाफ अदालत से हस्तक्षेप की मांग की, तो उनकी पत्नी ने उनके खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर दिया. इसके बाद रात के समय पुलिस उनके होटल तक पहुंची, जिसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी और बेटे के साथ भागने का फैसला लिया. उनका कहना है कि उन्होंने पुलिस को प्रमाण दिया कि उनका बेटा सुरक्षित है और कानूनी प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी, लेकिन फिर भी पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए उनका पीछा कर रही थी.
शंकर की पत्नी, दिव्या ने उनके आरोपों का खंडन किया और उन्हें गलत ठहराया. दिव्या का कहना है कि 3 हफ्ते पहले शंकर ने उन्हें भारत बुलाया था, ये कहकर कि वो एक संपत्ति मुद्दे का समाधान करना चाहते हैं, लेकिन उसके बाद शंकर ने उनका बेटा अपहरण कर लिया. दिव्या ने कहा कि मैं नहीं जानती कि मेरे बेटे के साथ क्या हुआ और इसलिए मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज की.
दिव्या ने शंकर पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनकी संपत्ति को अपने पिता के नाम पर ट्रांसफर किया ताकि वो कर से बच सकें और फिर इसे थाईलैंड में अपने भाई के नाम पर ट्रांसफर कर दिया. दिव्या ने ये भी दावा किया कि शंकर ने उन्हें उन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए धमकाया, जिनसे वो अमेरिकी कर अपराधों की रिपोर्ट नहीं कर सकती थीं.
दिव्या ने शंकर पर एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शंकर एक यौन शिकारकर्ता है, जो महिलाओं को गुपचुप तरीके से रिकॉर्ड करता था. उन्होंने शंकर द्वारा यौन उत्पीड़न का सामना किया और इस कारण शंकर को सिंगापुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में उसे जमानत पर छोड़ दिया गया. First Updated : Monday, 24 March 2025