Azam Khan Release Update: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान की रिहाई को लेकर चल रही लंबी कानूनी लड़ाई अब अपने अंतिम चरण में है. हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में लंबित एक मामले में पुलिस द्वारा एडिशनल चार्जशीट दाखिल कर नए धाराएं जोड़ने की वजह से उनकी रिहाई में कुछ समय के लिए अड़चन आ गई थी.
जमानती मामलों में राहत, एक केस बना अड़चन
हालांकि उनके वकीलों ने 55 मामलों में अदालत से रिहाई के आदेश (परवाने) प्राप्त कर सीतापुर जेल भेज दिए हैं. वकील जुबेर अहमद खान के अनुसार, बाकी बचे मामलों में भी अदालत के आदेश जेल प्रशासन को भेज दिए गए हैं. अब यदि कोई तकनीकी त्रुटि या अप्रत्याशित बाधा नहीं आई, तो मंगलवार या अधिकतम बुधवार तक आजम ख़ान की रिहाई संभव मानी जा रही है.
वकील का बयान,‘अदालतों से परवाने भेज दिए गए हैं’
आजम खान के वकील ने बताया कि विशेष मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए कोर्ट और अन्य अदालतों से कुल लगभग 55 मामलों में रिहाई के आदेश जारी कर दिए गए हैं. कई आदेश पहले ही सीतापुर जेल पहुंच चुके हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सभी आदेश समय पर और बिना गलती के जेल पहुंचे हैं, तो आजम ख़ान को रिहा कर दिया जाएगा. अगर किसी दस्तावेज में सुधार की जरूरत पड़ी तो रिहाई में एक दिन और लग सकता है.
धाराएं बढ़ने के मुद्दे पर क्या बोले वकील?
वकील जुबेर खान ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मामलों में नई धाराएं जोड़ी गई हैं, उनमें भी आजम ख़ान पहले से जमानत पर हैं और उन मामलों में रिहाई को लेकर कोई बड़ा कानूनी अड़चन नहीं है. उनके मुताबिक, जेल प्रशासन को आदेश पोस्ट और ऑनलाइन दोनों माध्यम से भेजे जा चुके हैं और अब प्रक्रिया अंतिम चरण में है.
रिहाई लगभग तय, निगाहें सीतापुर जेल पर
अब जबकि अधिकांश कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, मोहम्मद आजम ख़ान की रिहाई लगभग तय मानी जा रही है. इस घटनाक्रम पर राजनीतिक हलकों और आम जनता की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम है. यदि कोई तकनीकी अड़चन नहीं आती, तो बहुत जल्द समाजवादी पार्टी के यह वरिष्ठ नेता जेल से बाहर होंगे.
First Updated : Monday, 22 September 2025