पटना में अतिक्रमण हटाने का अभियान आज से फिर शुरू, DM ने दिए कड़े निर्देश

पटना अब सचमुच चमकने वाला है. जिलाधिकारी के सख्त आदेश के बाद शहर में ज़ोर-शोर से अतिक्रमण हटाओ, पटना सजाओ अभियान शुरू हो गया है. फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों, सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करने वालों और अवैध ठेले-खोमचे वालों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है.

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पटना: पटना में बढ़ते ट्रैफिक और सार्वजनिक स्थलों पर फैले अतिक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक बार फिर सख्ती का रुख अपनाया है. जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस. एम. के निर्देश पर सोमवार से पूरे शहर में अतिक्रमण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाएगा. प्रशासन का मानना है कि शहर के मुख्य मार्गों को बाधारहित और सुरक्षित रखने के लिए अतिक्रमण उन्मूलन अत्यंत आवश्यक है.

इस अभियान के लिए दिसंबर माह का कैलेंडर जारी कर दिया गया है. जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा की ओर से गठित नौ विशेष टीमों के जरिए शहर के विभिन्न इलाकों में लगातार कार्रवाई की जाएगी. यह विशेष ड्राइव न केवल नगर निगम के छह अंचलों नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद और पटना सिटी में चलेगी, बल्कि खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर नगर परिषद क्षेत्रों में भी प्रभावी रूप से लागू होगी.

विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमें होंगी शामिल

अभियान में प्रशासन, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण, स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशाम सेवा, पुल निर्माण निगम, दूरसंचार, वन प्रमंडल और विद्युत विभाग के अधिकारी एवं कर्मी संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे. जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि जहां-जहां अतिक्रमण हटाया जा रहा है, वहां पुनः अतिक्रमण पाए जाने पर अनिवार्य रूप से प्राथमिकी की जाएगी. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अभियान में बाधा डालने वालों के विरुद्ध सख्त विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी.

मुख्य मार्गों को अतिक्रमणमुक्त रखने पर जोर

डीएम ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, फुटपाथों, सर्विस रोड और प्रमुख मार्गों को अतिक्रमणमुक्त रखना अत्यंत आवश्यक है. कंकड़बाग, गांधी मैदान, राजेंद्र नगर टर्मिनल, डाकबंगला, कारगिल चौक, अशोक राजपथ, बोरिंग कैनाल रोड, सगुना मोड़, जेपी गंगा पथ और अटल पथ सहित प्रमुख मार्गों को विशेष तौर पर चिह्नित किया गया है. शहरी प्रबंधन इकाई को निर्देश दिया गया है कि पूर्व निर्धारित कैलेंडर के अनुसार हर माह नियमित अभियान चलाया जाए.

आदतन अतिक्रमणकारियों पर कड़ी कार्रवाई

अनुमंडल पदाधिकारियों और अनुमंडल पुलिस अधिकारियों को अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई तेज करने, आदतन अतिक्रमणकारियों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई करने तथा विशेष वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं.

अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण पर दंड

डीएम ने कहा कि मुख्य मार्गों पर किसी भी तरह की अनधिकृत वेंडिंग, अवैध पार्किंग या व्यावसायिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी. नगर निकायों को अस्थायी अतिक्रमण पर 5,000 रुपये और स्थायी अतिक्रमण पर 20,000 रुपये का दंड लगाने की शक्ति प्रदान की गई है.

अस्पतालों के आसपास विशेष सफाई और व्यवस्था

आइजीआईएमएस, पीएमसीएच, एम्स और एनएमसीएच के आसपास भी अतिक्रमण पूरी तरह हटाने का निर्देश दिया गया है, ताकि मरीजों और एंबुलेंस के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न हो. अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए पांच सदस्यीय विशेष सेल बनाई गई है, जिसमें पुलिस अधीक्षक (यातायात), अपर जिला दंडाधिकारी (नगर व्यवस्था), एसपी (सुरक्षा), अपर नगर आयुक्त और सिटी मजिस्ट्रेट को शामिल किया गया है.

यातायात सुधार प्रशासन की प्राथमिकता

डीएम ने कहा कि बढ़ते वाहनों और जाम की स्थिति में सुगम यातायात प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता है. अतिक्रमण हटाने से यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी. यह विशेष अभियान 31 दिसंबर तक चलेगा और इसकी प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी. विभिन्न मार्गों पर एस्कलेटर-युक्त एफओबी, अंडरपास, सड़क चौड़ीकरण, सुंदरीकरण तथा वेंडर्स के लिए वैकल्पिक व्यवस्था जैसे कार्य लगातार जारी हैं, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें. First Updated : Monday, 01 December 2025