Uttarakhand Mansa Devi temple: उत्तराखंड के धार्मिक नगरी हरिद्वार से रविवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव को जल अर्पित करने पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी मच गई, जिसके चलते प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में भीषण भगदड़ हो गई. हादसे में अब तक 6 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 15 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. यह हादसा मंदिर के सीढ़ी मार्ग पर उस वक्त हुआ जब श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा थी. फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है, प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर डटे हुए हैं और स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है.
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने हादसे की वजह बताते हुए कहा, 'बिजली के तार का सहारा लेकर कुछ लोग ऊपर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी अचानक किसी ने अफवाह उड़ा दी कि तार में करंट है. यह सुनते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और हालात बेकाबू हो गए.' सावन के चलते हरिद्वार में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है. रविवार की सुबह भी मनसा देवी मंदिर में श्रद्धालु जल चढ़ाने पहुंचे थे. ऊपर से बारिश के कारण रास्तों में फिसलन हो गई थी, और मंदिर तक पहुंचने वाला रास्ता भी तंग और ऊंचाई वाला है, जिससे हालात और बिगड़ गए.
घटना की सूचना मिलते ही गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे और कोतवाली प्रभारी रितेश शाह तुरंत मौके पर पहुंच गए और हालात का जायजा लिया. रितेश शाह ने भगदड़ की पुष्टि करते हुए कहा, 'भीड़ अधिक होने के कारण मनसा देवी मंदिर में भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हुई. घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया है और उनका इलाज जारी है.'
उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त किया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर मार्ग में भगदड़ मचने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है. स्थानीय पुलिस तथा अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं. इस संबंध में मैं लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हूं और स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए हूं. माता रानी से प्रार्थना है कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सकुशल रहें.
हरिद्वार जैसे बड़े धार्मिक स्थल पर सावन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं. संकरे रास्ते, बारिश से फिसलन और अव्यवस्थित भीड़ नियंत्रण व्यवस्थाएं इस हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही हैं. First Updated : Sunday, 27 July 2025