एक्टर विजय ने ली CM के रूप में शपथ; तमिलनाडु में 'वंदे मातरम' पर छिड़ा सियासी विवाद

शपथ ग्रहण की सबसे ज्यादा चर्चा उस समय हुई जब कार्यक्रम की शुरुआत तमिलनाडु के आधिकारिक गीत 'तमिल थाई वाज़्थु' की जगह राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' से हुई। समारोह में 'वंदे मातरम' के पूरे छह छंद गाए गए।

Sachin Hari Legha

चेन्नई: तमिलनाडु की सियासत में बड़ा उलटफेर हुआ है। चार दिन तक चली सियासी खींचतान और बहुमत साबित करने की जद्दोजहद के बाद तमिलनाडु वेट्री कज़गम यानी TVK प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने राज्य के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हुए भव्य समारोह में हजारों समर्थक मौजूद रहे। विजय को उनके फैंस 'थलापति' के नाम से भी बुलाते हैं।

तमिलनाडु में टूटी परंपरा, 'वंदे मातरम' से समारोह की शुरुआत 

शपथ ग्रहण की सबसे ज्यादा चर्चा उस समय हुई जब कार्यक्रम की शुरुआत तमिलनाडु के आधिकारिक गीत 'तमिल थाई वाज़्थु' की जगह राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' से हुई। समारोह में 'वंदे मातरम' के पूरे छह छंद गाए गए। इसके बाद राष्ट्रगान 'जन गण मन' और फिर अंत में 'तमिल थाई वाज़्थु' बजाया गया। 

यह क्रम केंद्रीय गृह मंत्रालय के 28 जनवरी 2026 के उस निर्देश के मुताबिक था, जिसमें कहा गया था कि सभी सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगान से पहले बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय रचित 'वंदे मातरम' का मूल संस्करण पूरा गाया जाए। हालांकि इस निर्देश का विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध किया था।

राहुल गांधी की मौजूदगी में बजा गीत  

संयोग से शपथ ग्रहण में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी मौजूद थे। राहुल पहले ही सरकार के इस निर्देश की आलोचना कर चुके हैं। ऐसे में उनकी मौजूदगी में 'वंदे मातरम' का पूरा संस्करण बजना सियासी संदेश माना जा रहा है।

CPI ने जताई नाराजगी, मांगा जवाब  

TVK की सहयोगी CPI ने 'तमिल थाई वाज़्थु' से पहले 'वंदे मातरम' बजाने पर आपत्ति जताई है। CPI के प्रदेश सचिव एम. वीरपांडियन ने कहा कि यह स्थापित परंपरा का उल्लंघन है। उन्होंने तमिलनाडु सरकार से मांग की कि इस गलती के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर सार्वजनिक स्पष्टीकरण दिया जाए। वीरपांडियन ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा कि लोक भवन के निर्देश पर 'वंदे मातरम' को पहले और तमिल प्रार्थना को तीसरे नंबर पर रखना गलत है।

TVK का गणित और गठबंधन की मजबूरी  

गौरलतब है कि 234 सदस्यों वाली तमिलनाडु विधानसभा में TVK के पास 107 विधायक हैं। बहुमत के लिए उसे कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK और IUML के समर्थन की जरूरत है। कांग्रेस के 5 विधायक हैं जबकि बाकी सहयोगियों के पास 2, 2 विधायक हैं।

CPI के विरोध के बाद अब देखना होगा कि विजय अपने गठबंधन में संतुलन कैसे बनाते हैं। शपथ ग्रहण में गीतों का क्रम बदलने से तमिल अस्मिता बनाम राष्ट्रीय प्रतीकों की बहस फिर गरमा गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की सियासत को और गरम कर सकता है।

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