वैश्विक संकट के बीच पीएम मोदी का बड़ा संदेश, ईंधन बचत को बनाएं राष्ट्रीय संकल्प

पीएम मोदी ने वैश्विक संकट के बीच देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम कर विदेशी मुद्रा बचाने और सार्वजनिक परिवहन, कार-पूलिंग व इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील की.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चित परिस्थितियों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा संरक्षण और आर्थिक अनुशासन अपनाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों और विदेशी मुद्रा खर्च को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत है. खास तौर पर पेट्रोल और डीजल की खपत कम करना आज देशहित में सबसे बड़ा कदम हो सकता है.

कई चुनौतियों से गुजर रही दुनिया 

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया इस समय कई चुनौतियों से गुजर रही है. कोरोना महामारी के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था पूरी तरह संभल भी नहीं पाई थी कि रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे संकटों ने हालात और कठिन बना दिए. इसका असर खाद्य सामग्री, ईंधन और उर्वरकों की कीमतों पर पड़ा, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ा है.

उन्होंने याद दिलाया कि कोविड काल के दौरान देश ने कई नई कार्यशैलियों को अपनाया था, जिनमें वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी व्यवस्थाएं शामिल थीं. पीएम मोदी ने कहा कि इन विकल्पों को फिर से प्राथमिकता देकर ईंधन की खपत कम की जा सकती है. इससे न केवल ऊर्जा की बचत होगी, बल्कि देश की विदेशी मुद्रा भी सुरक्षित रहेगी.

प्रधानमंत्री की खास अपील

प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि जहां मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं उपलब्ध हैं, वहां निजी वाहनों की बजाय उनका उपयोग बढ़ाया जाए. उन्होंने कार-पूलिंग को भी एक प्रभावी विकल्प बताया. साथ ही माल परिवहन के लिए रेलवे फ्रेट सेवाओं को प्राथमिकता देने की सलाह दी, क्योंकि इलेक्ट्रिक ट्रेनों के जरिए डीजल-पेट्रोल पर निर्भरता कम की जा सकती है.

उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की भी बात कही और कहा कि जिन लोगों के पास ई-वाहन उपलब्ध हैं, उन्हें उनका अधिकतम उपयोग करना चाहिए. इससे देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी.

प्रधानमंत्री ने नागरिकों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि अगले एक वर्ष तक विदेश यात्राओं को टालने पर विचार करें. उन्होंने कहा कि भारत में भी अनेक खूबसूरत पर्यटन स्थल हैं, जहां घूमकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है.

लोगों से संकल्प लेने की अपील 

इसके अलावा उन्होंने लोगों से यह संकल्प लेने को कहा कि आने वाले एक साल तक किसी भी सामाजिक या पारिवारिक आयोजन के लिए सोने के आभूषण खरीदने से बचें. उनका कहना था कि आज देश को दान नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक व्यवहार की आवश्यकता है, जिससे संकट के समय राष्ट्र को मजबूती मिल सके.

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