ममता सरकार के नियुक्त अधिकारियों पर सुवेंदु कैबिनेट का बड़ा एक्शन, सभी मनोनीत पद बर्खास्त

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने एक आदेश जारी कर राज्य के गैर-सांविधिक बोर्डों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में नियुक्त सभी नामित पदाधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं.

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Edited By: JBT Desk

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने कई बड़े प्रशासनिक और नीतिगत फ़ैसले लेने शुरू कर दिए हैं. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने एक आदेश जारी कर राज्य के गैर-सांविधिक बोर्डों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में नियुक्त सभी नामित पदाधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं.

अधिकारियों की सेवाएं समाप्त की

सोमवार को एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राज्य सरकार के अधीन काम करने वाले गैर-सांविधिक निकायों, बोर्डों, संगठनों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में नियुक्त सभी नामित सदस्यों, निदेशकों और अध्यक्षों का कार्यकाल तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के निर्देश जारी किए. इसके अलावा राज्य सरकार ने उन अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं भी तत्काल समाप्त करने का आदेश दिया है जो इस समय 60 वर्ष की सामान्य सेवानिवृत्ति आयु के बाद सेवा विस्तार या पुनर्नियुक्ति पर काम कर रहे हैं.

शुभेंदु का एक और बड़ा कैबिनेट फैसला

बंगाल सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और विभागीय सचिवों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. बंगाल सरकार के एक वरिष्ठ नौकरशाह ने बताया कि यह फ़ैसला सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद लिया गया है.

सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस फैसले से वास्तव में कितनी नियुक्तियां और सेवा विस्तार प्रभावित होंगे. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को हुई पहली कैबिनेट बैठक के बाद कई बड़े फैसलों की घोषणा की. यह प्रक्रिया 11 मई से शुरू होने वाली है और इसके 45 दिनों के भीतर पूरी होने की उम्मीद है.

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि केंद्र सरकार की 'आयुष्मान भारत योजना' को राज्य में लागू किया जाएगा. इसके अलावा राज्य में केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं को भी लागू करने का फैसला लिया गया है.

सभी नामित अधिकारियों को हटाया गया

बंगाल सरकार की कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों में नौकरी चाहने वाले आवेदकों के लिए ऊपरी आयु सीमा में पांच वर्ष की वृद्धि को भी मंज़ूरी दे दी है. यह वादा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव प्रचार के दौरान किया था. कैबिनेट ने मुख्य सचिव को राष्ट्रीय और राज्य कैडर के अधिकारियों के लिए केंद्र सरकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश जारी करने का अधिकार दिया है.

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली TMC सरकार राज्य में 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) को लागू करने में विफल रही थी जिससे संविधान का उल्लंघन हुआ. अब राज्य सरकार ने इसे लागू करने का निर्णय लिया है. उन्होंने आगे कहा कि पिछली सरकार ने जून 2025 की जनगणना के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय की अधिसूचना की अनदेखी की थी.

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