अमूल ने दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की, जानें कब से लागू होंगी कीमतें
प्रमुख डेयरी ब्रांड अमूल ने कई दूध उत्पादों की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की घोषणा की है. नई दरें 14 मई से देशभर में लागू होंगी.

नई दिल्ली: अमूल ने एक बार फिर दूध की कीमतों में बढ़ोतरी कर उपभोक्ताओं को झटका दिया है. देश के प्रमुख डेयरी ब्रांड ने अपने विभिन्न दूध उत्पादों की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि की घोषणा की है. नई दरें 14 मई से देशभर में लागू होंगी.
इस फैसले का असर उन सभी बाजारों पर पड़ेगा जहां अमूल के दूध उत्पाद बेचे जाते हैं. लगातार बढ़ती महंगाई के बीच दूध के दाम बढ़ने से आम परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना जताई जा रही है.
पाउच दूध की कीमतों में संशोधन
गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ ने बयान जारी कर बताया कि बढ़ती लागत को देखते हुए ताजे पाउच दूध की कीमतों में संशोधन किया गया है. कंपनी के मुताबिक पशु आहार, पैकेजिंग सामग्री, परिवहन और उत्पादन लागत में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसकी वजह से यह फैसला लेना पड़ा. डेयरी उद्योग लंबे समय से बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों के दबाव का सामना कर रहा है और अब इसका असर सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है.
नई कीमतों के तहत अमूल गोल्ड अब 68 रुपये की जगह 70 रुपये प्रति लीटर में मिलेगा. वहीं अमूल भैंस दूध की कीमत 74 से बढ़कर 76 रुपये प्रति लीटर हो गई है. अमूल गाय दूध अब 58 रुपये के बजाय 60 रुपये प्रति लीटर बिकेगा. इसके अलावा अमूल स्लिम एंड ट्रिम दूध की कीमत भी 50 से बढ़ाकर 52 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. कंपनी के अन्य प्रमुख वेरिएंट जैसे अमूल ताजा, अमूल स्टैंडर्ड और अमूल टी-स्पेशल की कीमतों में भी इसी तरह बढ़ोतरी की गई है.
1 मई 2025 को दाम में हुई थी बढ़ोतरी
यह पहली बार नहीं है जब अमूल ने दूध के दाम बढ़ाए हों. इससे पहले 1 मई 2025 को भी कंपनी ने सभी प्रमुख दूध वेरिएंट की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. उस समय मदर डेयरी द्वारा कीमतें बढ़ाने के बाद अमूल ने भी अपने दाम संशोधित किए थे. पिछले साल जून में भी कंपनी ने कई दूध उत्पादों के दाम 2 से 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाए थे.
विशेषज्ञों का मानना है कि डेयरी सेक्टर पर लगातार बढ़ता लागत दबाव आने वाले समय में भी उपभोक्ताओं को प्रभावित कर सकता है. दूध भारतीय घरों की रोजमर्रा की जरूरतों का अहम हिस्सा है, ऐसे में बार-बार कीमत बढ़ने से घरेलू रसोई का बजट प्रभावित होना तय माना जा रहा है. इसके अलावा चाय दुकानदारों, मिठाई कारोबारियों, रेस्तरां और डेयरी उत्पादों पर निर्भर छोटे व्यवसायों की लागत भी बढ़ सकती है. लगातार हो रही महंगाई के बीच उपभोक्ताओं को अब रोजमर्रा के खर्चों में और इजाफे के लिए तैयार रहना पड़ सकता है.


