नई दिल्ली: साल 2025 अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है और कुछ ही दिनों में देश नए साल का स्वागत करेगा. नया साल नई उम्मीदों के साथ-साथ नई चुनौतियां भी लेकर आएगा. ऐसे में देश की आर्थिक दिशा और विकास की रफ्तार तय करने वाला केंद्रीय बजट सबसे अहम डॉक्यूमेंट माना जाता है, जिसे केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी.
आमतौर पर भारत में हर साल 1 फरवरी को आम बजट पेश करने की परंपरा रही है, लेकिन इस बार बजट की तारीख को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. साल 2026 में बजट किस दिन पेश किया जाएगा, इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. सवाल यही है कि क्या इस बार बजट एक फरवरी को ही आएगा या तारीख में बदलाव किया जाएगा.
साल 2026 में 1 फरवरी रविवार को पड़ रही है. इसी वजह से यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बजट उसी दिन पेश किया जाएगा या नहीं. सूत्रों के मुताबिक, अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है. बजट को लेकर तीन संभावित विकल्पों पर विचार किया जा रहा है. 31 जनवरी (शनिवार), 1 फरवरी (रविवार) या फिर 2 फरवरी (सोमवार).
गौरतलब है कि 1 फरवरी को बजट पेश करने की परंपरा वर्ष 2017 से शुरू हुई थी, जब तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस व्यवस्था को लागू किया था. साल 2025 में भी 1 फरवरी शनिवार को पड़ा था और उस दिन अंतरिम बजट पेश किया गया था. इससे पहले भी एक से अधिक बार शनिवार को बजट पेश किया जा चुका है.
हालांकि यह पहली बार है जब 1 फरवरी रविवार को पड़ रही है, लेकिन इससे पहले भी रविवार को बजट पेश किया जा चुका है. 28 फरवरी 1999 को तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने रविवार के दिन बजट पेश किया था. उसी साल उन्होंने शाम पांच बजे की जगह सुबह 11 बजे बजट पेश करने की परंपरा की शुरुआत भी की थी.
रविवार को सरकारी दफ्तरों और शेयर बाजार में अवकाश रहता है. इसके अलावा 1 फरवरी को संत रविदास जयंती भी है. ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार बजट की तारीख बदली जा सकती है. सूत्रों के अनुसार, 31 जनवरी या 2 फरवरी को बजट पेश किए जाने की संभावना अधिक है. अंतिम निर्णय संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति द्वारा लिया जाएगा.
First Updated : Saturday, 20 December 2025