केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम क्रूड पर विंडफॉल टैक्स को किया कम

केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम क्रूड पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को कम कर दिया है। सरकार ने इस टैक्स के दाम 4100 रुपये प्रति टन घटा दिए हैं।

Nisha Srivastava

Windfall Tax : भारत सरकार ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों हित में अहम फैसला लिया है। सरकार के इस फैसले से कंपनियां बहुत खुश नजर आई हैं। केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम क्रूड पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को कम कर दिया है। सरकार ने इस टैक्स के दाम 4100 रुपये प्रति टन घटा दिए हैं।

जिसके बाद विंडफॉल टैक्स शून्य हो गया है। इससे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को बड़ी राहत मिली है। क्योकिं अब क्रूड पर विंडफॉल टैक्स को खत्म कर दिया है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले साल जुलाई में इस टैक्स को लगाया था।

पिछले साल ऐसा था विंडफॉल टैक्स

केंद्र सरकार ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को राहत देते हुए पेट्रोल, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल पर विंडफॉल टैक्स को शून्य पर कर दिया है। बता दें कि हर महीने में 15-15 दिन पर देश में तेल के रेट बढ़ते व घटते नजर आते हैं। सरकार इसके आधार पर ही सरकार तेल के ऊपर विंडफॉल टैक्स की समीक्षा करती है और इसमें बदलाव करती है।

बीते वर्ष की बात करें तो सरकार ने 1 मई 2022 को पेट्रोलियम क्रूड पर विंडफॉल टैक्स में कटौती करने के बाद इसे 4100 रुपये प्रति टन कर दिया था डॉलर में देखने पर यह 50.14 डॉलर प्रति टन पर रखा गया। वहीं 19 अप्रैल को क्रूड पर लगने वाली लेवी को 6400 रुपये प्रति टन किया गया था।

क्यों लगाया गया विंडफॉल टैक्स

देश में विंडफॉल टैक्स को जुलाई 2022 में पहली बार लगाया गया था। ऑयल उत्पादों पर यह टैक्स लगाने का कारण था गैसोलीन, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल को भारत से बाहर बेचने पर हुए लाभ पर लेवी लवी जा सके। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्राइवेट रिफाइनरीज इंटरनेशनल मार्केट में बेचने के माध्यम से इन पेट्रोलियम उत्पादों पर ज्यादा लाभ उठा रही थी। वहीं घरेलू बाजार की बजाए वहां ऑयल प्रोडक्ट्स बेचने में लगी थी। इसको देखते हुए ही इसे कम करने के लिए सरकार ने ये विंडफॉल टैक्स लगाया।

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