560 अरब डॉलर का नुकसान...चीन पर 100 % टैरिफ से शेयर बाजर से लेकर क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में भारी तबाही

Cryptocurrency Crash : चीन पर अमेरिका के द्वारा 100 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद चीन के शेयर बाजार से लेकर क्रिप्टोकरेंसी मार्केट तक में भारी गिरावट आई है. आज क्रिप्टो मार्केट में 560 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. इसके अलावा, अमेरिकी शेयर बाजार में भी भारी तबाही देखने को मिली है. वहीं, NVIDIA, टेस्ला और अमेजन जैसे शेयरों में भी दबाव देखने को मिला है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

Cryptocurrency Crash : डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के ऐलान ने वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में भारी उथल-पुथल मचा दी है. इस घोषणा के तुरंत बाद बिटकॉइन, एथेरियम, डॉज कॉइन सहित कई प्रमुख डिजिटल मुद्राओं के दाम तेजी से गिरने लगे. यह गिरावट इतनी गंभीर थी कि निवेशकों को अरबों डॉलर का भारी नुकसान उठाना पड़ा. खास बात यह है कि यह अब तक क्रिप्टो मार्केट में देखी गई सबसे बड़ी सामूहिक बिकवाली रही, जिसमें कुछ घंटों के भीतर ही कई अरब डॉलर के दांव डूब गए. आइए जानते है इस पूरी खबर को विस्तार से... 

क्रिप्टो के साथ-साथ शेयर बाजार पर भी पड़ा असर

आपको बता दें कि ट्रंप के इस फैसले का असर केवल क्रिप्टोकरेंसी तक सीमित नहीं रहा बल्कि अमेरिकी शेयर बाजार में भी भारी गिरावट दर्ज की गई. NVIDIA, टेस्ला, अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में दबाव देखा गया. इस दौरान ट्रेडिंग वॉल्यूम में अप्रत्याशित वृद्धि हुई, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशक तेजी से अपनी पोजीशन्स बेच रहे हैं. बाजार में फैली बेचैनी ने वित्तीय स्थिरता को चुनौती दी है और वैश्विक निवेशकों के लिए चिंता के नए कारण पैदा किए हैं.

लीवरेज्ड पोजीशन्स की वजह से बिकवाली तेज
विशेषज्ञों के अनुसार, इस संकट की एक बड़ी वजह क्रिप्टो ट्रेडर्स द्वारा लीवरेज्ड पोजीशन्स को जल्दी से बंद करना था. इस वजह से एक बड़े पैमाने पर लिक्विडेशन हुआ, जो बाजार को और नीचे गिरा गया. बिटकॉइन 8 प्रतिशत से अधिक गिरकर लगभग $1,11,543 के स्तर पर आ गया, वहीं एथेरियम ने भी 12.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की. कुल क्रिप्टो मार्केट कैप 4.30 ट्रिलियन डॉलर से घटकर 3.74 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो इस भारी बिकवाली का स्पष्ट प्रमाण है.

सॉफ्टवेयर और वस्तुओं पर 100 % टैरिफ 
ट्रंप ने अपनी योजना का खुलासा करते हुए कहा कि 1 नवंबर 2025 से चीन से आने वाले महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर और वस्तुओं पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा. यह कदम चीन के रेयर अर्थ संसाधनों पर लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में लिया गया है. इस फैसले ने वैश्विक व्यापार और आर्थिक सहयोग के रास्ते पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह तनाव आने वाले समय में आर्थिक बाजारों की दिशा और स्थिरता पर गहरा प्रभाव डाल सकता है, खासकर क्रिप्टो और तकनीकी शेयरों में.

इस पूरी स्थिति ने निवेशकों के बीच चिंता और अनिश्चितता की स्थिति पैदा कर दी है. ट्रंप के टैरिफ के कारण क्रिप्टोकरेंसी और शेयर बाजार दोनों ही अनिश्चितता की मार झेल रहे हैं, जिससे वैश्विक आर्थिक बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है. आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह आर्थिक विवाद किस प्रकार बाजारों को प्रभावित करता है और निवेशक कैसे प्रतिक्रिया देते हैं.

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