पनीर, दूध और हेल्थ इंश्योरेंस... 22 सितंबर से बेहद सस्ते मिलेंगे ये सामान, लगेगा 0% GST

सरकार 22 सितंबर से आम जनता के लिए जीएसटी में बड़ा तोहफा देने जा रही है. कुछ फूड आइटम्स, स्वास्थ्य बीमा और जरूरी दवाओं पर अब 0 प्रतिशत जीएसटी लागू होगा, जिससे ये सामान पहले से काफी सस्ते मिलेंगे.

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Zero GST Items: सरकार आम नागरिकों को 22 सितंबर से एक बड़ा तोहफा देने जा रही है. जीएसटी में हुए हालिया बदलाव के बाद खाने-पीने की रोजमर्रा की चीजों से लेकर स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कई उत्पादों की कीमतों में कमी आएगी. खास बात यह है कि कुछ प्रोडक्ट्स पर अब 0 प्रतिशत जीएसटी लागू होगा, जिससे ये सामान पहले से कहीं अधिक सस्ते हो जाएंगे.

इस बदलाव का असर हर घर तक पहुंचेगा. एयर कंडीशनर, टीवी, कार-बाइक जैसी महंगी चीजों के साथ ही रोजमर्रा की जरूरतों जैसे पनीर, ब्रेड और दूध भी अब पहले से किफायती कीमत पर मिलेंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आश्वासन दिया है कि यह लाभ सीधे अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचेगा.

जीएसटी में बड़ा बदलाव

3 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक में निर्णय लिया गया कि अब सिर्फ दो ही स्लैब रहेंगे – 5% और 18%. इससे पहले 12% और 28% स्लैब में शामिल अधिकांश उत्पाद अब नए स्लैब में आए हैं. 12% स्लैब वाले अधिकांश प्रोडक्ट्स अब 5% में, जबकि 28% वाले उत्पाद 18% स्लैब में शामिल किए गए हैं.

कुछ जरूरी चीज़ों पर जीएसटी पूरी तरह से हटा दिया गया है. इसका मतलब है कि 22 सितंबर के बाद ये सामान 0 जीएसटी के साथ मिलेंगे.

किन-किन चीजों पर मिलेगा 0 GST

  • पनीर और छेना (प्री-पैकेज्ड और लेबलड)

  • UHT (अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर) दूध

  • पिज्जा ब्रेड

  • खाखरा, चपाती या रोटी

  • पराठा, कुल्चा और अन्य पारंपरिक ब्रेड

  • व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा

  • कुछ जीवन रक्षक दवाएं (33 दवाएं)

  • मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन

  • शार्पनर, क्रेयॉन और पेस्टल

  • कॉपी, नोटबुक, पेंसिल, इरेजर

जीवन रक्षक दवाओं और हेल्थ इंश्योरेंस पर असर

फूड आइटम्स के अलावा हेल्थ सेक्टर को भी बड़ा लाभ मिला है. अब कुछ जीवन रक्षक दवाओं और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी पूरी तरह से हट गया है. इससे इन दवाओं और बीमा की कीमत में उल्लेखनीय कमी आएगी.

जनता को मिलेगा सीधा लाभ

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "इस बदलाव का लाभ सीधे अंतिम ग्राहक तक पहुंचेगा." 3 सितंबर की जीएसटी काउंसिल बैठक में लिए गए फैसलों के तहत 12% और 28% स्लैब को खत्म कर दिया गया, जिससे आम उपभोक्ता को व्यापक पैमाने पर राहत मिलेगी. First Updated : Saturday, 20 September 2025