नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आने के बाद कई देशों ने अपने यहां ईंधन के दाम बढ़ा दिए हैं. पाकिस्तान ने भी बढ़ती लागत का असर सीधे आम लोगों पर डालते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है. वहीं भारत में फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है, क्योंकि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में अभी तक कोई नया बदलाव नहीं किया गया है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर लगभग 78.96 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण तेल बाजार में दबाव बना हुआ है. यही वजह है कि कई देशों में ईंधन महंगा होने लगा है.
तेल की बढ़ती कीमतों के बीच पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल दोनों के दाम बढ़ा दिए हैं. नई दरों के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 13.18 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल में 13.80 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. इस संशोधन के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल 310.71 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल 323.30 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है. बढ़ती कीमतों का सीधा असर वहां आम लोगों और परिवहन लागत पर पड़ने की संभावना है.
पाकिस्तान में ईंधन महंगा होने का सिलसिला इस साल फरवरी के आखिर से शुरू हुआ था. पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिली. बताया जा रहा है कि 3 अप्रैल को डीजल की कीमत 520.35 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना गया. इसी तरह पेट्रोल भी 458.41 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था. मौजूदा कीमतें उन रिकॉर्ड स्तरों से कम जरूर हैं, लेकिन फिर भी आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही हैं.
जहां कई देशों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने के बाद घरेलू कीमतों में बढ़ोतरी की, वहीं भारत में फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं. उपभोक्ताओं को अभी तक किसी नई बढ़ोतरी का सामना नहीं करना पड़ा है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो भविष्य में इसका असर भारत के ईंधन बाजार पर भी पड़ सकता है.
ईंधन बाजार में पहले भी उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं. जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई थी और कई देशों ने पेट्रोल-डीजल महंगा कर दिया था, तब भारत में लंबे समय तक कीमतों में बदलाव नहीं किया गया था. उस दौरान केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में भी कटौती की थी. बाद में चुनाव समाप्त होने के बाद मई महीने में चार चरणों में कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी.
दिल्ली: पेट्रोल 102.12 रुपये, डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर
लखनऊ: पेट्रोल 102.05 रुपये, डीजल 99.28 रुपये प्रति लीटर
अयोध्या: पेट्रोल 102.40 रुपये, डीजल 99.27 रुपये प्रति लीटर
भोपाल: पेट्रोल 114.65 रुपये, डीजल 99.74 रुपये प्रति लीटर
इंदौर: पेट्रोल 114.61 रुपये, डीजल 99.70 रुपये प्रति लीटर
कोलकाता: पेट्रोल 113.51 रुपये, डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर
चेन्नई: पेट्रोल 107.77 रुपये, डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर
मुंबई: पेट्रोल 111.21 रुपये, डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर
जयपुर: पेट्रोल 112.66 रुपये, डीजल 97.78 रुपये प्रति लीटर
पटना: पेट्रोल 112.70 रुपये, डीजल 99.87 रुपये प्रति लीटर
First Updated : Monday, 13 July 2026