शेयर बाजार में जोरदार उछाल: निवेशकों को 6 लाख करोड़ रुपये का फायदा, जानें तेजी के पीछे के कारण
शेयर बाजार में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जहां सेंसेक्स और निफ्टी में 1% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई. इस उछाल से निवेशकों को करीब 6 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ और बाजार का माहौल पूरी तरह सकारात्मक नजर आया.

नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली. चुनाव परिणामों के दिन बाजार ने मजबूत शुरुआत करते हुए शुरुआती कारोबार में ही बड़ी बढ़त दर्ज की, जिससे निवेशकों को भारी मुनाफा हुआ. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों ने 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ कारोबार किया.
सुबह करीब 10 बजे, 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 1000 अंकों की बढ़त के साथ 77,911 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई का निफ्टी 1.2 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,290 पर ट्रेड करता नजर आया. इस तेजी का असर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी देखने को मिला.
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी
निफ्टी मिडकैप 150 और निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स में भी 1-1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई. बाजार में आई इस तेजी के चलते निवेशकों को करीब 6 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ.
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 463 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 469 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
तेजी के पीछे के 3 बड़े कारण
1. विधानसभा चुनाव परिणाम का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 के विधानसभा चुनावों की मतगणना का असर बाजार पर साफ दिख रहा है. पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में वोटों की गिनती जारी है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में भाजपा बढ़त बनाए हुए है, जबकि केरल और तमिलनाडु में भी पार्टी के प्रदर्शन में सुधार के संकेत मिल रहे हैं. यह स्थिति उद्योग जगत के लिए सकारात्मक मानी जा रही है.
2. अमेरिका-ईरान बातचीत में सकारात्मक संकेत
अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक बातचीत से भी बाजार को समर्थन मिला है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि तेहरान के नए प्रस्ताव की समीक्षा की जा रही है.
उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है, जिससे वैश्विक बाजारों में स्थिरता की उम्मीद जगी है.
3. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट ने भी बाजार को मजबूती दी है. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स करीब 0.60 प्रतिशत गिरकर 107.53 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.
वहीं, वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) में भी 0.80 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में कमी का सकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा है.
डिस्क्लेमर: यह निवेश की सलाह नहीं है. शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है. किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें. यहां प्रस्तुत एक्सपर्ट्स के विचार निजी हैं. JBT इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है.


