नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में कटौती करने का फैसला किया है. सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, नए टैक्स रेट 1 जून से लागू होंगे. इस फैसले के तहत पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर लगने वाले विशेष कर में राहत दी गई है.
हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस निर्णय का घरेलू उपभोक्ताओं पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा. घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है, इसलिए देश के भीतर ईंधन की मौजूदा कीमतें फिलहाल यथावत रहेंगी.
सरकार के नए फैसले के तहत पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में 1.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है. वहीं डीजल के निर्यात पर 13.50 रुपये प्रति लीटर की राहत दी गई है.
इसके अलावा एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर लगने वाले टैक्स को भी 9.50 रुपये प्रति लीटर कम किया गया है. ये संशोधित दरें 1 जून से प्रभावी हो जाएंगी.
सरकार का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिल रही है. इसी पृष्ठभूमि में निर्यात शुल्क में कटौती का निर्णय लिया गया है.
सरकार ने 27 मार्च 2026 को पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर विशेष टैक्स लागू किया था. पश्चिम एशिया में जारी तनाव और घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया था.
इस विशेष कर में अंतिम संशोधन 16 मई को किया गया था.
रविवार, 31 मई को तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया. देशभर में ईंधन की कीमतें पहले की तरह बरकरार हैं.
इससे पहले सोमवार को घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की गई थी.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है. वहीं डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है.
मई महीने के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 7.50 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. उल्लेखनीय है कि इससे पहले वर्ष 2022 में ईंधन की कीमतों में बदलाव हुआ था.
देश के कई प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमत 110 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर चुकी है. हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत 115 रुपये प्रति लीटर से भी अधिक हो गई है.
वहीं कोलकाता में भी एक लीटर पेट्रोल खरीदने के लिए उपभोक्ताओं को 110 रुपये से ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं. सरकार द्वारा पहले घरेलू स्तर पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की गई थी, जिसके बाद से उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. First Updated : Sunday, 31 May 2026