National News: यशोदा ने बताया कि 244 कमरों वाले एक मदरसे में उसकी मां के साथ 14 वर्षों तक दरिंदगी होती रही। वहां मौलवी और दूसरे लोग लगातार शोषण करते रहे। छोटी बहन का सिर काटकर उपलों पर जला दिया गया, जिससे पूरा परिवार टूट गया। उसका कहना है कि 1992 के आसपास उसके नाना को जबरन इस्लाम क़ुबूल कराया गया और फिर पैसों के लिए उनकी हत्या कर दी गई। मामा मिकी की भी हत्या हुई। चार मौसी और चार मामा का कोई अता-पता नहीं मिला, जिससे घर बर्बाद हो गया। उसने कहा कि उसके जिस्म पर भी ज़ुल्म ढाए गए। घंटों बंद रखा गया, बेल्ट से पीटा गया और आवाज़ दबा दी गई। कई बार उसे महसूस हुआ कि उसकी ज़िंदगी खत्म हो जाएगी। उसने हिम्मत दिखाई मगर दर्दनाक हादसे आज भी उसके साथ हैं।
यशोदा का कहना है कि जब भी उसने मदद मांगी, मौलवी ने रुपयों से लोगों को ख़रीद लिया। जिसने भी साथ देने की कोशिश की, उसे चुप करा दिया गया। आखिरकार उसने अपनी दास्तान सोशल मीडिया पर वीडियो के ज़रिये दुनिया के सामने रख दी।
उसने एक वीडियो में आपत्तिजनक सामान दिखाया। उसमें उर्दू किताबें, गोलियां और हथियार जैसी चीज़ें नज़र आईं। पुलिस ने तलाशी ली और कहा कि मौके पर वैसा कुछ नहीं मिला। मामला अब जांच के घेरे में आ चुका है। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेज़ी से शेयर हुए और देखते ही देखते लाखों लोगों तक पहुंच गए। आम लोगों के बीच खौफ़ और ग़ुस्से का माहौल पैदा हो गया। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर वीडियो झूठे हैं तो इतने सामान कहां से आए। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि मामला दबाने की कोशिश हो रही है। इस वायरल मामले ने सियासत तक में भूचाल मचा दिया है।
एसपी रामपुर ने कहा कि वीडियो और आरोपों की जांच चल रही है। सीओ सिटी ने कहा कि मामला ज़मीन विवाद से जुड़ा लग रहा है, लेकिन गंभीर आरोपों को देखते हुए टीम बनाई गई है। रिपोर्ट अदालत में पेश की जाएगी। पुलिस का कहना है कि हर पहलू पर बारीकी से जांच की जाएगी। विपक्षी दलों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। स्थानीय लोग भी लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। पीड़ित महिला ने सुरक्षा की मांग की है क्योंकि उसे धमकियां भी मिल रही हैं। इस पूरे मामले ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
First Updated : Monday, 25 August 2025