'हम मशीन नहीं हैं', NEET-UG री-एग्जाम के लिए सिर्फ 37 दिन मिलने पर छात्रों का फूटा गुस्सा

NEET-UG पुनर्परीक्षा की तारीख घोषित होते ही लाखों छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है. छात्रों का कहना है कि पेपर लीक और अनिश्चितता के बाद अब केवल 37 दिन में दोबारा तैयारी करना उनके लिए मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक दबाव बढ़ाने जैसा है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: National Testing Agency(NTA) ने आखिरकार NEET-UG पुनर्परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है. अब मेडिकल प्रवेश परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी. हालांकि परीक्षा की नई तारीख सामने आने के बाद लाखों छात्रों की चिंता और बढ़ गई है. छात्रों का कहना है कि इतनी बड़ी परीक्षा की तैयारी के लिए केवल 37 दिन देना उनके साथ अन्याय है.

पेपर लीक विवाद, विरोध प्रदर्शन और जांच के बीच दोबारा परीक्षा कराने के फैसले ने छात्रों को मानसिक और आर्थिक दबाव में डाल दिया है. सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में छात्र एनटीए की आलोचना कर रहे हैं और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं.

कोचिंग छोड़ घर लौट चुके छात्रों की बढ़ी मुश्किलें

NEET-UG की तैयारी करने वाले हजारों छात्र कोटा और अन्य कोचिंग हब से अपने घर लौट चुके थे. अब अचानक दोबारा परीक्षा की घोषणा होने से उन्हें फिर से यात्रा, रहने और कोचिंग की व्यवस्था करनी पड़ रही है.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक छात्र ने लिखा, “हर छात्र उसी शहर में नहीं रहता जहाँ वह तैयारी करता है. कुछ छात्र कोचिंग खत्म होने के बाद अपना सामान पैक करके घर चले गए थे. अब उन्हें वापस भागना होगा, फिर से कमरे ढूंढने होंगे, और पैसे खर्च करने होंगे, और ट्रेन टिकट के लिए मशक्कत करनी होगी.”

कई छात्र अब परीक्षा केंद्र बदलने की मांग भी कर रहे हैं ताकि उन्हें दोबारा आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े.

'हम मशीन नहीं हैं'

लगातार तनाव, पेपर लीक और पुनर्परीक्षा की घोषणा के बाद छात्रों में गहरी नाराजगी दिखाई दे रही है. कई छात्रों ने कहा कि उनकी मेहनत और मानसिक स्थिति को नजरअंदाज किया जा रहा है.

एक छात्र ने भावुक पोस्ट में लिखा, "एक छात्र होने के नाते, यह मुझे तोड़ देता है. हम हर दिन पूरी लगन से पढ़ाई करते हैं, लेकिन पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और दबाव के कारण हमारा भविष्य मजाक जैसा लगता है. वह 17 साल का लड़का हममें से कोई भी हो सकता था. हम मशीन नहीं हैं.''

कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि लगातार अनिश्चितता ने उन्हें मानसिक रूप से थका दिया है. एक अन्य पोस्ट में लिखा गया, "आपने सबकी स्थिरता तोड़ दी (मुझे कुछ भी महसूस नहीं हो रहा है, शायद इस बार मैं भावनाहीन हूं)."

परीक्षा की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

री-एग्जाम की घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर उठ रहा है. छात्र पूछ रहे हैं कि इस बार पेपर लीक नहीं होगा, इसकी क्या गारंटी है.

एक यूजर ने व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा, "तो इसके बाद अगली NEET परीक्षा कब होगी? क्योंकि स्पष्ट रूप से परीक्षा पत्रों की सुरक्षा करना आप लोगों के बस की बात नहीं है."

एक अन्य छात्र ने लिखा, "इस बात की क्या गारंटी है कि @NTA_Exams के अंदरूनी सूत्र इस बार प्रश्नपत्र नहीं बेचेंगे? निष्पक्ष परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी कौन ले रहा है?"

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