रवींद्रनाथ टैगोर के परिवार से हैं शर्मिला टैगोर, सोहा अली खान ने बताया पूरा कनेक्शन
बॉलीवुड अभिनेत्री शर्मिला टैगोर का रिश्ता सिर्फ फिल्मी दुनिया से नहीं, बल्कि भारत के प्रतिष्ठित टैगोर परिवार से भी जुड़ा है. अब उनकी बेटी सोहा अली खान ने खुलासा किया है कि नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर उनके परिवार से किस तरह जुड़े हुए थे.

नई दिल्ली: बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर सिर्फ फिल्मी दुनिया ही नहीं, बल्कि भारत के प्रतिष्ठित टैगोर परिवार से अपने खास रिश्ते की वजह से भी चर्चा में रहती हैं. टैगोर परिवार की बेटी और पटौदी खानदान की बहू रहीं शर्मिला का नाम भारतीय इतिहास और संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है.
अब उनकी बेटी और अभिनेत्री सोहा अली खान ने एक पॉडकास्ट में खुलासा किया है कि नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर से उनका पारिवारिक रिश्ता कैसे जुड़ा हुआ है. सोहा ने बातचीत के दौरान अपने परिवार और रवींद्रनाथ टैगोर से जुड़ी कई दिलचस्प बातें साझा कीं.
सोहा अली खान ने बताया परिवार का रिश्ता
पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान सोहा अली खान ने कहा, “रवींद्रनाथ टैगोर के लगभग 14 भाई-बहन थे. उनके भाई गगनेन्द्रनाथ टैगोर, जो एक पेंटर थे और जो क्यूबिज्म को भारत लाए, वो अम्मा (नानी) के ग्रेट ग्रैंडफादर थे. तो रवींद्रनाथ टैगोर उनके ग्रेट ग्रैंड अंकल हुए. वो मेरी नानी के बहुत करीब थे, मेरी नानी और नाना दोनों के. मेरी नानी उनके साथ शांति निकेतन में वक्त बिताती थीं. हमारे पास उनकी कुछ तस्वीरें हैं. उन्होंने मेरी नानी इरा के लिए दो कविताएं लिखी थीं. और फिर उन्होंने कुछ साइन किया था, जो मेरे नाना ने बाद में फेंक दिया था मेरी नानी उसकी वजह से उनसे काफी वक्त तक बहुत नाराज थीं.”
कौन थे रवींद्रनाथ टैगोर?
रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई 1861 को कोलकाता में देवेंद्रनाथ टैगोर और शारदा देवी के घर हुआ था. हालांकि उनकी जयंती हर साल बंगाली कैलेंडर के अनुसार बैसाख महीने के 25वें दिन मनाई जाती है, इसलिए इसकी तारीख बदलती रहती है.
रवींद्रनाथ टैगोर साहित्य के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार जीतने वाले पहले एशियाई थे. उन्हें 1913 में उनकी प्रसिद्ध काव्य संग्रह ‘गीतांजलि’ के लिए यह सम्मान मिला था. उन्होंने भारत का राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ भी लिखा था.
साहित्य के अलावा संगीत, कला और शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. उनकी कविताएं, गीत और नाटक आज भी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं.
शर्मिला टैगोर का फिल्मी सफर
शर्मिला टैगोर का जन्म 8 दिसंबर 1944 को इरा टैगोर और गीतिंद्रनाथ टैगोर के घर हुआ था. उन्होंने साल 1959 में बंगाली फिल्म ‘अपुर संसार’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी.
बंगाली सिनेमा में पहचान बनाने के बाद शर्मिला ने फिल्म ‘कश्मीर की कली’ से बॉलीवुड में कदम रखा. शम्मी कपूर के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने काफी पसंद किया.
इसके बाद उन्होंने 'अनुपमा', 'ये रात फिर न आएगी', 'अमर प्रेम', 'एन इवनिंग इन पेरिस', 'आराधना' और 'छोटी बहू' जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया. 60 से 80 के दशक तक शर्मिला टैगोर बॉलीवुड की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं.


