हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत ही पवित्र माना जाता है इसलिए अधिकांश घरों में तुलसी का पौधा लगाया जाता है औऱ इसकी पूजा की जाती है। लेकिन तुलसी का पौधा केवल पूजा के ही काम नहीं आता, सेहत को लेकर तुलसी की पत्तियों के इतने फायदे हैं कि अगर इसके  फायदे जान लेंगे तो आप भी तुलसी की पत्तियां रोज खाना शुरू कर देंगे। यूं भी आयुर्वेद में तुलसी के पौधे को ढेर सारे औषधीय गुणों से युक्त पौधा कहा जाता है जिसकी पत्तियों का अर्क दवा बनाने के भी काम आता है। तुलसी में इतने ढेर सारे पोषक तत्व हैं कि ये ना केवल शरीर को स्वस्थ बनाती है बल्कि दिल के लिए भी काफी अच्छी होती है। चलिए जानते हैं कि सेहत के लिए तुलसी की पत्तियां कैसे फायदा करती हैं और इनका सेवन कैसे किया जा सकता है।

तुलसी के पौधे के फायदे

तुलसी के पत्ते में तनाव दूर करने के गुण पाए जाते हैं। तुलसी के पत्ते में दिमाग में तनाव बढ़ाने वाले कार्टिसोल नामक हार्मोन को नियंत्रित करने का काम करते हैं। तुलसी की पत्तियो की चाय पीने से तनाव में आराम मिलता है और डिप्रेशन, स्ट्रेस, एंजाइटी जैसी समस्याओं में आराम मिलता है। 

तुलसी की पत्तियों में पाए जाने वाले इम्यूनोमॉड्यूलेटरी इसे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार बनाते हैं। इसकी मदद से शरीर मजबूत होता है और बाहरी बैक्टीरिया शरीर पर हमला नहीं कर पाते। इसकी मदद से संक्रामक और मौसमी बीमारियों के जोखिम कम होते हैं। इसलिए अगर आपको बार बार सर्दी खांसी जुकाम होता है तो आपको तुलसी के पत्तों की चाय पीनी चाहिए। 

तुलसी के रस का सेवन करने से शरीर में शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इसलिए शुगर के मरीजों को सुबह खाली पेट तुलसी के पत्तों का रस पीने की सलाह दी जाती है। इसके रस के सेवन से शरीर में इंसुलिन का स्तर सही करने में मदद मिलती है। 

तुलसी के रस में एंटी माइक्रोबायल गुण होते हैं जिसके चलते ये ओरल हैल्थ के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। अगर मुंह में बार बार संक्रमण होता है, तो तुलसी के रस का सेवन करना चाहिए। 

तुलसी के रस में पाए जाने वाले कार्डियोप्रोटेक्टिव गुण दिल को स्वस्थ रखने में काफी मददगार साबित होते हैं। इससे दिल स्वस्थ रहता है और दिल की बीमारियों की संभावना कम हो जाती है। 

कैंसर की बीमारी में लाभकारी 
तुलसी के अर्क में रेडियोप्रोटेक्टिव गुण पाए जाते हैं। इन गुणों की मदद से बॉडी में पनपने वाले ट्यूमर सेल्स को खत्म करने में मदद मिलती है। इसके अलावा तुलकी में पाया जाने वाला यूजेनॉल भी अपने एंटीकैंसर गुणों के चलते कैंसर जैसी बीमारी को दूर रखने में मददगार साबित होता है। 

तुलसी के बीजों को पीसकर अगर गुनगुने पानी के साथ लिया जाए  तो कब्ज में काफी आराम मिलता है। इसके अलावा तुलसी के अर्क के सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है और पेट संबंधी कई बीमारियों में आराम मिलता है। 

तुलसी में पाए जाने वाले हेपेटोप्रोटेक्टिव गुण के चलते तुलसी का अर्क लिवर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

त्वचा के लिए भी तुलसी के पत्तों का अर्क काफी शानदार काम करता है। इसके अर्क को चेहरे पर लगाने से रंग साफ होता है और चेहरे को पोषण मिलता है।

तुलसी के पत्तों में पाया जाने वाला पोटैशियम और फोलेट जैसे पोषक तत्व हड्डियों को मजबूत बनाने में मददगार साबित होते हैं। इसलिए अगर हड्डियों को मजबूत करना है तो तुलसी के पत्तों का सेवन करना लाभदायक होगा। 

कैसे करें तुलसी के पत्तों और बीजों का सेवन -

तुलसी के पत्तों को अच्छी तरह धोकर खाली पेट चबाकर खाने की सलाह दी जाती है. हालांकि इसके लिए पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। 
तुलसी के पत्तों की चाय भी शरीर को बहुत ज्यादा फायदा करती है।
इसके अलावा काढे में भी तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है।