दिल्ली में 699 उम्मीदवारों की किस्मत बुधवार को ईवीएम में कैद हो गई. दिल्ली में किसके हाथ बाजी लगेगी. ये तो शनिवार यानी 8 फरवरी को ही पता चल पाएगा. इससे पहले ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने बीजेपी को लेकर बड़ा बयान दिया है.
मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि मैंने दिल्ली चुनाव में भाजपा को वोट दिया है. उन्होंने कहा कि मैंने वोटिंग का वो वीडियो वायरल भी किया है. भाजपा के नाम पर मुसलमानों में डर पैदा किया जा रहा है. विपक्षी दलों की ओर से लोग कहते हैं कि मुसलमान भाजपा को वोट न दें. मुसलमानों के दिमाग में यह बात बैठा दी गई है कि भाजपा को हराओ. अगर बीजेपी को नहीं हराओगे तो अगर वे सत्ता में आएंगे तो मुसलमानों के अधिकार छीन लिए जाएंगे.
मौलाना ने स्वीकार किया कि यह पहली बार है जब उन्होंने बीजेपी को वोट दिया है. साल 2014 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान कहा था कि मुसलमान बीजेपी को वोट नहीं देंगे. हालांकि, मौजूदा समय में उन्होंने महसूस किया कि मुसलमानों को इतना डरा दिया गया है कि वे डर और सहमकर जीवन जी रहे हैं. उनका मानना है कि बीजेपी को वोट देने से इस डर का सामना किया जा सकता है.
मौलाना का यह भी कहना है कि जब हम किसी नेता को वोट देते हैं, तो हमें उनसे सवाल पूछने का अधिकार मिलता है. आज बीजेपी कहती है कि वह मुसलमानों के लिए काम क्यों करे? क्योंकि मुसलमान उन्हें वोट नहीं देते. इसलिए उन्होंने बीजेपी को वोट देकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि मुसलमान भी बीजेपी का समर्थन कर सकते हैं और उनसे अपने अधिकारों की मांग कर सकते हैं.
मौलाना रशीदी ने यह भी कहा कि विपक्ष ने एक ऐसा परसेप्शन बनाया है जिससे मुसलमान बीजेपी के दुश्मन हो गए हैं. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अरविंद केजरीवाल जैसे नेताओं ने कितनी बार मुस्लिम समुदाय के साथ मंच साझा किया है या मुस्लिम मोहल्लों में रैली की है? मौलाना का मानना है कि मुसलमान किसी के बंधुआ मजदूर नहीं हैं और उन्हें अपने राजनीतिक निर्णय स्वतंत्र रूप से लेने चाहिए.
मौलाना साजिद रशीदी का बीजेपी को वोट करने का दावा महत्वपूर्ण संदेश है, जो मुस्लिम समुदाय के भीतर आत्मनिर्भरता और स्वतंत्र राजनीतिक सोच को प्रोत्साहित करता है. उनका मानना है कि मुसलमानों को संविधान में दिए गए अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए और किसी भी पार्टी से डरकर नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए खड़े होकर जीवन जीना चाहिए.
मौलाना साजिद रशीदी का बीजेपी को वोट देने का निर्णय मुस्लिम समुदाय के राजनीतिक दृष्टिकोण में एक नई दिशा की ओर संकेत करता है, जहां वे अपने अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से भाग ले सकते हैं और किसी भी राजनीतिक दल के साथ संवाद स्थापित कर सकते हैं. First Updated : Thursday, 06 February 2025