पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने अपनी रणनीतिक स्थिति को और स्पष्ट कर दिया है. विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस हमले के संदर्भ में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से टेलीफोन पर बातचीत की और दो टूक कहा कि भारत अब पाकिस्तान की धरती पर मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाएगा.
सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान जयशंकर ने कहा, "भारत पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा और इसमें किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए." उनका यह बयान भारत की उस नीति की पुष्टि करता है, जिसमें अब आतंकी घटनाओं के जवाब में सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी.
भारत ने 9 और 10 मई की सुबह आतंकियों के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए. सूत्रों का कहना है कि ये हमले सिर्फ जवाबी कार्रवाई नहीं थे, बल्कि आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक निर्णायक कदम थे. इन हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की स्थिति को लेकर गंभीरता बढ़ गई.
बताया जा रहा है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से चर्चा के बाद जयशंकर को फोन कर सूचित किया कि पाकिस्तान अब बातचीत के लिए तैयार है. हालांकि, भारत ने यह साफ कर दिया कि किसी भी बातचीत की प्रक्रिया केवल सैन्य स्तर पर, यानी डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) के बीच ही हो सकती है. किसी राजनीतिक या कूटनीतिक माध्यम को भारत स्वीकार नहीं करेगा.
पाकिस्तानी डीजीएमओ ने 10 मई को दोपहर 1 बजे भारत के डीजीएमओ से बैठक का अनुरोध किया. इससे पहले, भारत ने 7 मई को आधिकारिक रूप से पाकिस्तान को सूचित किया था कि वह उनके देश में आतंकी ढांचे को निशाना बना चुका है, लेकिन उस समय पाकिस्तान की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी. जवाब केवल तब आया जब भारत ने पाकिस्तान के हवाई क्षेत्रों में सटीक हमले किए.
भारत सरकार अब आतंकवाद में पाकिस्तान की संलिप्तता के पुख्ता प्रमाणों के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक विशेष टीम भेजने की तैयारी कर रही है. इसका उद्देश्य वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को बेनकाब करना है ताकि आतंकवाद के खिलाफ एक सशक्त अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाया जा सके. First Updated : Sunday, 11 May 2025